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संसद मार्ग पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, छात्रों का बढ़ा समर्थन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके

दिल्ली। राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल कहे जाने वाले जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शुरू हो गया है। नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद सहित विभिन्न परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के विरोध में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में भारी संख्या में समर्थक एकत्र हुए हैं। इस आयोजन को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हो सके।[विडियो]

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। अतिरिक्त उपायुक्त पुलिस कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अभिजीत दीपके के आवेदन पर 6 जून 2026 को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक के लिए धरना-प्रदर्शन की स्वीकृति दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और निर्धारित नियमों के दायरे में ही आयोजित किया जाएगा।[1]

प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था

संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में युवा और छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराते नजर आए। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

प्रदर्शन की दिशा और निर्देश

इस कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की है कि सभी प्रतिभागी अनुशासन बनाए रखें और अपने साथ एक पुस्तक तथा राष्ट्रीय ध्वज जरूर लाएं। साथ ही, उन्होंने पुलिस कर्मियों को फूल भेंट करने की अपील की है, जिसे उन्होंने करुणा और कृतज्ञता का प्रतीक बताया है। दीपके ने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई अहिंसक और लोकतांत्रिक है।

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अपने संबोधन में कहा:

"सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा सकती हैं, लेकिन हमें खत्म नहीं किया जा सकता। हम पिछले एक महीने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार कार्रवाई करने के बजाय हमारे अकाउंट हैक और पोस्ट डिलीट कराने में लगी है। यह लड़ाई लंबी है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। देश का छात्र और युवा बिका नहीं है। मैं इस आंदोलन के लिए अपनी आजादी कुर्बान करने को भी तैयार था, लेकिन आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा।"

शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक प्रश्न

इस प्रदर्शन में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी शिरकत की और अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुद्दा केवल नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के सुधार का एक बड़ा प्रश्न है। वांगचुक ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से दूरदराज के सरकारी स्कूलों में सुधार लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में बदलाव न आने के कारण निराशा बढ़ रही है।

आंदोलन से जुड़े लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व संवैधानिक तरीके से चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन को भड़काने और माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। सीजेपी ने प्रशासन से ऐसे लोगों की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। समर्थकों का कहना है कि वे किसी भी उकसावे में नहीं आएंगे और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करना जारी रखेंगे।

शिक्षा मंत्री को दी गई चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा सौंप दें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने घोषणा की कि यदि आज कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो वे अगले शनिवार फिर जुटेंगे और अपने-अपने शहरों में भी इस आंदोलन को तेज करेंगे। यह आंदोलन अब देशव्यापी स्तर पर अपनी जड़ें जमा रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन युवाओं में व्याप्त आक्रोश को साफ दिखा रहा है। परीक्षा सुधारों और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठ रही यह आवाज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। जंतर-मंतर पर जारी इस प्रदर्शन के बीच सुरक्षा एजेंसियां और राजनीतिक गलियारे भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का संकल्प है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन एवं संबंधित विवाद प्रशासनिक एवं न्यायिक निर्देशों के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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