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अध्यात्म और सेवा का संगम- निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026

भीलवाड़ा में भारत विकास परिषद ने निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026 आयोजित किया। समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 30 विशिष्ट जनों को किया गया सम्मानित।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg निष्ठा शिखर सम्मान समारोह

निष्ठा शिखर सम्मान समारोह

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा की धरती पर भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा की 37 वर्षों की अनवरत सेवा यात्रा एक नए आयाम पर पहुंच गई है। इस गौरवशाली अवसर पर आयोजित निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026 ने न केवल सेवाभावी कार्यकर्ताओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि समाज को संस्कारों के संरक्षण की प्रेरणा भी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, स्वामी विवेकानंद एवं भगवान विष्णु के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर अत्यंत भव्य और पारंपरिक तरीके से किया गया।

इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में परिषद के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऋषि-मुनियों के इस देश में भारत विकास परिषद द्वारा किया जा रहा आध्यात्मिक व सेवा कार्य अत्यंत सराहनीय है। संगठन से जुड़कर समाज की सेवा करना किसी सामान्य कार्य की तरह नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या की तरह है, जिसे परिषद के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।

संस्कारों की धरोहर का संरक्षण

कार्यक्रम में निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भारत विकास परिषद जैसी संस्थाएँ हमारे समाज में संस्कारों की धरोहर को सहेजने का महती कार्य कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने जिस समर्थ और संस्कारी भारत का स्वप्न देखा था, उसे धरातल पर उतारने के लिए युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का सिंचन करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिसके लिए परिषद के प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।

महंत शास्त्री ने यह भी चेतावनी दी कि भौतिक प्रगति के इस दौर में यदि हमारी जड़ें यानी संस्कार मजबूत नहीं होंगे, तो समाज का ढांचा बिखर जाएगा। परिषद् द्वारा आयोजित यह निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026 और बाल संस्कार शिविर जैसे आयोजन समाज को सही दिशा देने वाले अनुकरणीय प्रयास हैं। संतों का आशीष सदैव ऐसे राष्ट्रव्यापी और लोक-कल्याणकारी कार्यों के साथ रहेगा, जो राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विशिष्ट विभूतियों का सम्मान

समारोह के दौरान समाज और संगठन में उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले 30 विशिष्ट प्रबुद्ध जनों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता त्रिलोक छाबड़ा ने ऊर्जा उपवास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाए रखने और इसे आगे बढ़ाने के लिए आत्मिक ऊर्जा का संचय करना अत्यंत आवश्यक है। वहीं, विशिष्ट अतिथि रामपाल सोनी ने परिषद की अनूठी कार्यशैली और सेवा कार्यों को सराहा, जबकि राधेश्याम सोमानी ने भीलवाड़ा शाखा को देश की श्रेष्ठतम शाखाओं में से एक बताया।

श्रेष्ठ विचारक लक्ष्मी नारायण डाग ने शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के समर्पण की प्रशंसा की। सम्मानित होने वाले 30 प्रबुद्ध नागरिकों में सेवा, शिक्षा और आध्यात्मिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रमुख नाम शामिल रहे। इन विभूतियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ओजस्वी वक्ता योगेंद्र शर्मा, ओम प्रकाश बुलिया और लक्ष्मण डाड सहित नगर के गणमान्य नागरिकों की भारी मौजूदगी ने इस अवसर को यादगार बना दिया।

अनुभव और प्रेरणा के संस्मरण

परिषद के वरिष्ठ दायित्वधारियों ने अपने प्रेरक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि सेवा ही जीवन का वास्तविक आधार है। गोविंद प्रसाद सोडानी ने बताया कि परिषद के माध्यम से उन्हें देशव्यापी संपर्क और दायित्व निर्वाह का अवसर मिला और उन्होंने जीवन में कथनी-करनी की एकरूपता तथा पूर्ण अनुशासन का पाठ यहीं से सीखा। इसी प्रकार कैलाश चंद्र अजमेरा ने माना कि उनके सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन को आगे बढ़ाने में परिषद से हमेशा मजबूत संबल प्राप्त हुआ है।

वहीं, योगेंद्र शर्मा ने अपनी ओजस्वी पंक्तियों और जोशीले विचारों से कार्यकर्ताओं में राष्ट्रसेवा की नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का संयुक्त कुशल संचालन रजनीकांत आचार्य एवं गोविंद प्रसाद सोडानी ने किया। अंत में अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल ने सभी अतिथियों और सम्मानित विभूतियों का आभार जताया। यह निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026 न केवल सम्मान पाने वालों के लिए यादगार रहा, बल्कि उपस्थित जनमानस में सेवा के प्रति एक नई अलख जगा गया।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief