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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा और दिशा

जिला स्तरीय बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत समीक्षा बैठक में बालिका जन्म दर सुधारने, शिक्षा और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश

By अजय त्यागी
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समीक्षा बैठक

खैरथल-तिजारा, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। खैरथल-तिजारा जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की त्रैमासिक समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में बालिका जन्म दर में सुधार, शिक्षा के स्तर को बढ़ाने और महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया गया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे न केवल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, बल्कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निस्तारण भी करें।

बैठक के दौरान लिंगानुपात में निरंतर सुधार लाने के लिए अधिकारियों को विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य प्रतिवर्ष लिंगानुपात में कम से कम दो अंकों की वृद्धि सुनिश्चित करना है, जिसके लिए प्रभावी जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। साथ ही, संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए, ताकि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को अधिक पुख्ता बनाया जा सके।

योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं के नामांकन को बढ़ाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि कैसे शैक्षणिक संस्थानों को बालिकाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा के लिए गठित वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां आने वाली हर पीड़ित महिला को समय पर परामर्श और सहायता मिल सके।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने वन स्टॉप सेंटर पर एक महिला कांस्टेबल की ऑन कॉल उपलब्धता अनिवार्य कर दी है। इसके अलावा, पॉश (POSH) अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों की सेवाओं का विस्तार करने पर भी चर्चा हुई, ताकि उनकी पहुंच दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली अधिक से अधिक महिलाओं तक सुनिश्चित की जा सके।

निरीक्षण और प्रशिक्षण अभियान

पुलिस विभाग और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को डिकॉय निरीक्षण (Decoy Inspection) आयोजित करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाई जा सके। प्रशासन का मानना है कि ऐसे निरीक्षणों से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, सभी सीडीपीओ को नियमित रूप से ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने के लिए कहा गया है ताकि जमीनी स्तर पर कार्य प्रगति की निरंतर निगरानी हो सके।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आगामी जुलाई माह से नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ के साथ ही आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक वृहद अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें विपरीत परिस्थितियों से लड़ने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी को पीईईओ स्तर पर लंबित पड़े तृतीय किश्त के मामलों को तत्काल प्रभाव से सुलझाने और पात्र बालिकाओं को लाभ दिलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

कल्याणकारी योजनाओं का लक्ष्य

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लंबित प्रकरणों के निस्तारण को गति देने के लिए लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र महिला या बालिका सरकारी मदद से वंचित न रहे। इसी प्रकार, लाडो प्रोत्साहन योजना में भी प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह केंद्र 24 घंटे संचालित है, जहां पीड़ित महिलाओं को कानूनी परामर्श, स्वास्थ्य सहायता एवं आवश्यकतानुसार अस्थायी संरक्षण उपलब्ध करवाया जाता है। प्रशासन द्वारा इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, जिससे जिले में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और अधिक संबल प्राप्त हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक निर्देशों से संबंधित किसी भी विसंगति के लिए विभाग का आधिकारिक रिकॉर्ड अंतिम माना जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief