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अंतरराष्ट्रीय

लाल सागर में तनाव से वैश्विक व्यापार पर असर की आशंका

लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने इजरायली जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए नए खतरे उत्पन्न हो गए हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
Houthi security personnel stand guard during a demonstration in Sanaa, Yemen, April 17, 2026. REUTERS

Houthi security personnel stand guard during a demonstration in Sanaa, Yemen, April 17, 2026. REUTERS

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अदेन, यमन। ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को एक आधिकारिक घोषणा करते हुए लाल सागर में इजरायली समुद्री नेविगेशन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, हूती समूह ने इजरायल पर हमले करने का दावा किया है और लाल सागर से गुजरने वाले इजरायली स्वामित्व वाले या उनसे जुड़े जहाजों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है। यह कदम ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के दौरान वैश्विक शिपिंग के लिए एक नई और गंभीर चुनौती के रूप में उभरा है।[1]

लाल सागर, जो स्वेज नहर तक जाने का प्रमुख द्वार है, वर्तमान में मध्य पूर्व से तेल ले जाने वाली पाइपलाइनों का मुख्य विकल्प बना हुआ है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद से, यह समुद्री मार्ग प्रतिदिन लाखों बैरल तेल के निर्यात के लिए जीवन रेखा साबित हो रहा है। हूतियों द्वारा की गई यह घोषणा वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पहले ही युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो चुकी हैं।

शिपिंग पर संभावित असर

ब्रिटिश मैरीटाइम रिस्क मैनेजमेंट ग्रुप 'वैनगार्ड' ने एक नोट में स्पष्ट किया है कि यह घोषणा सभी वाणिज्यिक जहाजों पर प्रतिबंध नहीं है, बल्कि यह उन जहाजों को लक्षित करती है जिनका आकलन हूतियों द्वारा 'इजरायली-संबद्ध' के रूप में किया गया है। हालांकि, शिपिंग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापक शब्दावली के कारण क्षेत्र में काम करने वाले जहाजों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। जहाजों को अपनी पहचान की जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को और अधिक कड़ा करना होगा।

शिपिंग उद्योग के सूत्रों ने बताया कि यह घोषणा प्रत्येक जहाज संचालक को अपना मार्ग बदलने के लिए मजबूर कर सकती है। चूँकि हूतियों का अतीत में यह रिकॉर्ड नहीं रहा है कि वे सही ढंग से यह पहचान सकें कि किन जहाजों का इजरायल के साथ सीधा संबंध है, इसलिए कई कंपनियां जोखिम कम करने के लिए अफ्रीका के रास्ते लंबा चक्कर लगाने का विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि यह मार्ग महंगा है और इसमें अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है, लेकिन यह युद्ध के जोखिम से बचने का एकमात्र सुरक्षित तरीका नजर आता है।

बीमा दरों की स्थिति

सोमवार तक लाल सागर में युद्ध जोखिम बीमा दरें जहाज के मूल्य का लगभग शून्य दशमलव तीन प्रतिशत बनी हुई थीं। बीमा उद्योग के एक स्रोत के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में इन दरों में कोई बड़ी हलचल नहीं देखी गई है। हालांकि, ये दरें हर 24 घंटे में संशोधित की जाती हैं, इसलिए तनाव बढ़ने पर इनमें तेजी से बदलाव की संभावना बनी रहती है। शिपिंग कंपनियां अब इस पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं कि आने वाले दिनों में हूतियों का रुख क्या रहता है।

इतिहास गवाह है कि अक्टूबर 2023 में शुरू हुए गाजा युद्ध के दौरान भी हूती हमलों ने वैश्विक व्यापार को काफी नुकसान पहुंचाया था। उस समय मेर्सक और हेपैग-लॉयड जैसी बड़ी कंपनियों को अपने जहाज अफ्रीका के रास्ते मोड़ने पड़े थे। उस दौरान, जो जहाज इजरायली बंदरगाहों का उपयोग करते थे, वे विशेष रूप से हमलों का निशाना बने थे। वर्तमान स्थिति में भी वही डर फिर से पैदा हो गया है कि कहीं लाल सागर का मार्ग फिर से असुरक्षित न हो जाए।

यातायात में आई कमी

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के विश्लेषण के अनुसार, दक्षिणी लाल सागर और महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाला शिपिंग यातायात अक्टूबर 2023 के स्तर तक वापस नहीं आया है। मार्च 2026 में मासिक आवागमन घटकर 1,034 क्रॉसिंग रह गया था, जबकि सितंबर 2023 में यह संख्या 2,000 से अधिक थी। वर्तमान में हूतियों द्वारा दी गई धमकी इस आंकड़े को और भी कम कर सकती है, जिसका सीधा असर वैश्विक बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

मौजूदा संकट इसलिए भी गंभीर है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद से अधिकांश खाड़ी ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र से बाहर निकलने में असमर्थ रहा है। हालांकि, सऊदी क्रूड की महत्वपूर्ण मात्रा अभी भी पाइपलाइन के जरिए लाल सागर के निर्यात टर्मिनल 'यानबू' तक पहुंचाई जा रही है। यदि हूतियों ने इस मार्ग को पूरी तरह बाधित करने की कोशिश की, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसका प्रभाव विनाशकारी हो सकता है।

हूतियों की बढ़ती धमकी

हूती समूह के एक सूत्र ने बताया कि इजरायली जहाजों को लाल सागर से गुजरने से रोकना केवल पहला कदम है। समूह ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध के हालात और बिगड़े, तो वे उन सभी जहाजों के आवागमन को रोकने के लिए मजबूर होंगे जो इजरायल की ओर जा रहे हैं। यह रणनीति सीधे तौर पर इजरायल की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को निशाना बनाने के लिए तैयार की गई है। हूतियों के ये कदम ईरान के साथ चल रहे युद्ध को व्यापक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार तक फैलाने की कोशिश की तरह देखे जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की आवश्यकता है। यदि हूतियों ने अपनी धमकियों को हकीकत में बदलने का प्रयास किया, तो न केवल इजरायल बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुद्री गठबंधन और निगरानी की सख्त जरूरत है। आने वाले दिनों में समुद्री मार्गों का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हूती अपने प्रतिबंधों को किस हद तक लागू करते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। लाल सागर में समुद्री सुरक्षा और युद्ध संबंधी खतरों के विषय में प्राप्त जानकारी गतिशील है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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