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राजस्थान

रक्तदान महादान: युवाओं ने पेश की मानवता की बड़ी मिसाल

रक्तदान महादान के उद्देश्य से आयोजित शिविर में युवाओं ने भरपूर हिस्सा लिया। सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन और गाडरी समाज के सहयोग से 65 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया।

By अजय त्यागी
1 min read
रक्तदान शिविर का आयोजन

रक्तदान शिविर का आयोजन

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भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है, जिसके चलते अस्पतालों में रक्त की कमी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इस संकट की घड़ी में आमजन की मदद के लिए आगे आते हुए गाडरी समाज भीलवाड़ा, ईशिता शर्मा आर्थोपेडिक हॉस्पिटल और सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन ने एक संयुक्त पहल की। इनके तत्वावधान में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जो रक्तदान महादान की भावना को जीवंत करता नजर आया। इस शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

शिविर का आयोजन ईशिता शर्मा आर्थोपेडिक हॉस्पिटल के परिसर में किया गया था। इस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक रामलाल गाडरी थे, जिनके नेतृत्व में युवाओं की एक बड़ी टीम रक्तदान करने के लिए एकत्रित हुई थी। शिविर का औपचारिक उद्घाटन डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो कतारबद्ध होकर अपने जीवन रक्षक रक्त को दान करने के लिए तत्पर थे। यह आयोजन समाज में व्याप्त सेवा भाव को दर्शाता है।

शिविर का भव्य आयोजन

रक्तदान शिविर के दौरान कुल 65 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया, जो कि एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आयोजन के दौरान कई ऐसे रक्तदाताओं ने भी भाग लिया जिनका ब्लड ग्रुप दुर्लभ श्रेणी में आता है, जिससे शिविर का महत्व और अधिक बढ़ गया। रक्त संग्रहण का कार्य कोटड़ी श्याम ब्लड बैंक की तकनीकी टीम द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सावधानी और स्वच्छता के साथ संपन्न कराया। अस्पताल परिसर में सुबह से ही रक्तदाताओं की गहमागहमी बनी रही।

प्रबंधन में सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव गोपाल विजयवर्गीय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने शिविर की तैयारियों को लेकर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाकर इस कार्य को पूर्ण किया गया है। शिविर संयोजक रामलाल गाडरी ने अंत में सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिना जन सहयोग के इस प्रकार के बड़े आयोजनों को सफल बनाना संभव नहीं होता है। अतिथियों का अभिनंदन भी इसी के तहत किया गया।

स्वास्थ्य के लिए रक्तदान

रक्तदान को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह न केवल दूसरों के लिए जीवन रक्षक है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इसी संदर्भ में डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को स्वेच्छा से अपने जीवनकाल में रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है और यह समाज की सबसे बड़ी सेवा है।

डॉ. शर्मा ने रक्तदान से जुड़े भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा:

"रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे शरीर में नई ऊर्जा और स्फूर्ति का संचार होता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील करनी चाहिए।"

इस संदेश ने वहां मौजूद युवाओं और रक्तदाताओं को और अधिक प्रेरित किया। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन न केवल रक्त की कमी को पूरा करते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी पैदा करते हैं। इस प्रकार की पहल से युवाओं को यह भी समझ आता है कि उनका छोटा सा प्रयास किसी के लिए जीवन का आधार बन सकता है। रक्तदान महादान की सार्थकता इसी से सिद्ध होती है कि एक यूनिट रक्त कई लोगों की जान बचाने का माद्दा रखता है।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में गाडरी समाज के अनेक वरिष्ठ और युवा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाने का कार्य किया। गाडरी समाज के जिलाध्यक्ष भीम गाडरी, पूर्व डेयरी चेयरमैन रतन लाल जाट, उदयराम गाडरी सांगवा, गोपाल गुजर मालोला और सुरेश गाडरी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने शिविर का दौरा किया। इसके अलावा पुरण गाडरी, शंकर गाडरी, शिव गाडरी, भोलू गाडरी और ओम गाडरी सहित अनेक समाज बंधुओं ने अपनी उपस्थिति से आयोजकों का मनोबल बढ़ाया।

समाज के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक संगठन जब एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। शिविर में आए प्रत्येक रक्तदाता को सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन की ओर से रक्तदाता सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल रक्तदाताओं के लिए एक स्मृति है, बल्कि भविष्य में भी उन्हें ऐसे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम है। रक्तदाताओं के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ देखा जा सकता था।

सामाजिक सरोकार की महत्ता

भीलवाड़ा जैसे क्षेत्र में रक्तदान महादान जैसे शिविरों की आवश्यकता लगातार बनी रहती है क्योंकि यहां के विभिन्न अस्पतालों में आने वाले जरूरतमंद मरीजों को रक्त की आपूर्ति करना एक निरंतर प्रक्रिया है। सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन ने जिस प्रकार से गाडरी समाज के साथ मिलकर यह समन्वय स्थापित किया है, वह अन्य संगठनों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण है। ऐसे आयोजन यह सुनिश्चित करते हैं कि विषम परिस्थितियों में भी रक्त की कमी से किसी मरीज की जान न जाए।

अंत में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि ईशिता शर्मा आर्थोपेडिक हॉस्पिटल में आयोजित यह कार्यक्रम सफल रहा। युवाओं का उत्साह और समाज के वरिष्ठ जनों का मार्गदर्शन, दोनों ही इस शिविर की सफलता के मुख्य स्तंभ रहे हैं। रक्तदान महादान के इस पुनीत कार्य में जिस प्रकार सभी ने एकजुटता दिखाई, वह यह साबित करता है कि भीलवाड़ा के लोग मानवता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं। भविष्य में भी ऐसे शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने का संकल्प लिया गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रक्तदान शिविर के आंकड़े और विवरण आयोजन समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief