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राजस्थान

पदोन्नति उपरांत पदस्थापन ऑनलाइन काउंसलिंग से करवाने की मांग

शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने पदोन्नति के बाद पारदर्शी पदस्थापन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की मांग की है। विभाग ने जल्द कार्यवाही का ठोस आश्वासन दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर स्थित शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी पदोन्नति और पदस्थापन प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ, राजस्थान के बैनर तले प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य और कोषाध्यक्ष नवरतन जोशी ने उच्च स्तरीय ज्ञापन सौंपकर पदोन्नति के उपरांत पदस्थापन ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से करवाने की पुरजोर मांग की है। कर्मचारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से विभाग में पारदर्शिता आएगी और पदस्थापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

पदोन्नति के बाद कर्मचारियों को मनचाहे या उपयुक्त स्थान पर नियुक्ति न मिलना एक बड़ी समस्या रही है। इस मांग के माध्यम से संघ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक कर्मचारी को उसकी वरीयता और योग्यता के अनुसार पदस्थापन का अवसर मिले। मंत्रालयिक संवर्ग की समस्याओं के निराकरण के लिए यह एक सुनियोजित प्रयास है, जिसे शिक्षा निदेशालय में सकारात्मक रूप से लिया गया है। ऑनलाइन काउंसलिंग के लागू होने से कर्मचारियों में विश्वास का नया संचार होगा।

पदोन्नति और विभागीय प्राथमिकता

संघ ने इस ज्ञापन में पदोन्नति से संबंधित एक और महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया है। इसके अंतर्गत जयपुर और बीकानेर संभाग के कनिष्ठ सहायकों को वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया को गति देने की मांग की गई है। मंत्रालयिक कर्मचारियों के कार्यभार और उनके मनोबल को ध्यान में रखते हुए यह पदोन्नति लंबे समय से लंबित है। निदेशालय स्तर पर हुई इस पहल से अब कर्मचारियों में अपनी मांगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है।

विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष यह मामला मजबूती से रखा गया है। संघ के प्रतिनिधियों का स्पष्ट मत है कि यदि ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से शुरू होती है, तो कनिष्ठ से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत होने वाले सैकड़ों कार्मिकों को तत्काल लाभ मिलेगा। यह प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक स्पष्टता और दक्षता आएगी।

"संघ द्वारा दिये गये मांग पत्र पर तुरन्त कार्यवाही की जायेगी। पदस्थापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संघ की यह पहल अत्यंत सराहनीय है।"

आश्वासन और विभागीय सहयोग

संघ की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपनी सहमति जताई है। प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने बताया कि श्रीमान अतिरिक्त निदेशक महोदय के साथ हुई चर्चा अत्यंत फलदायी रही। अतिरिक्त निदेशक ने संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र पर तत्काल कार्यवाही करने का ठोस आश्वासन दिया है। यह आश्वासन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि वे लंबे समय से पदोन्नति और पारदर्शी पदस्थापन के लिए संघर्ष कर रहे थे।

इस सकारात्मक आश्वासन के बाद संघ ने अतिरिक्त निदेशक का आभार प्रकट किया है। विभाग द्वारा दिए गए इस आश्वासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रालयिक संवर्ग की समस्याओं को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था धरातल पर उतरती है, तो विभाग के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया अत्यंत सुगम हो जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे विभाग के साथ मिलकर कर्मचारियों के हित में सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पारदर्शिता की ओर एक कदम

मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए यह मांग केवल एक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके करियर की प्रगति और गरिमा का प्रश्न है। ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन होने से कर्मचारियों को उचित अवसर मिलेंगे और उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में अधिक संतोष प्राप्त होगा। पारदर्शिता के इस युग में सरकारी विभागों के लिए यह आवश्यक है कि वे तकनीक का उपयोग कर कार्मिकों की समस्याओं का समाधान करें। यह व्यवस्था न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि विभाग के प्रबंधन को भी सुदृढ़ बनाती है।

अन्ततः, कर्मचारियों को पूरा विश्वास है कि संगठन की मेहनत और अधिकारियों का सकारात्मक रुख मिलकर शिक्षा विभाग में एक नई कार्य संस्कृति को जन्म देगा। पदस्थापन में पारदर्शिता आने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे पूरी लगन के साथ शिक्षा विभाग की सेवाओं में अपना योगदान देंगे। संघ के नेताओं ने कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही सभी मांगें पूर्ण कर दी जाएंगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ की मांगों और पदस्थापन प्रक्रिया से संबंधित यह जानकारी प्रशासनिक पत्राचार पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief