घरेलू कलह के बीच कलयुगी बेटे ने की पिता की निर्मम हत्या
घरेलू विवाद में पिता की निर्मम हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहाँ कलयुगी बेटे ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
अलवर, राजस्थान। राजस्थान के इस शांत इलाके में देर रात हुई एक खूनी वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक कलयुगी नाबालिग बेटे ने अपने ही जन्मदाता पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और सन्नाटे का माहौल पसर गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को अपनी कस्टडी में ले लिया है। पिता की निर्मम हत्या की इस स्तब्ध करने वाली कहानी ने पारिवारिक रिश्तों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।[1]
मृतक की पहचान रोहताश के रूप में हुई है जो शहर में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वारदात के समय घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था क्योंकि मृतक की पत्नी एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गई हुई थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया जिससे पूरे मोहल्ले के लोग सहमे हुए हैं।
सनसनीखेज वारदात का विवरण
यह पूरी घटना मंगलवार की देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे की बताई जा रही है। अरावली विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामकृपाल नगर में इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आस-पड़ोस के लोगों को शुरुआत में किसी भी तरह की भनक नहीं लगी लेकिन बाद में जब शोर हुआ तो मामले का खुलासा हुआ।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिता और पुत्र के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हुई थी जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आवेश में आकर नाबालिग ने घर में रखे एक बेहद धारदार हथियार से अपने पिता की निर्मम हत्या कर दी। धारदार हथियार से हमले के कारण अत्यधिक खून बह जाने से पीड़ित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर तुरंत जिला अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से खून से सना हुआ वह हथियार भी बरामद कर लिया है जिससे इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है और फॉरेंसिक टीम की मदद से भी नमूने एकत्र किए गए हैं। इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है ताकि मामले के हर पहलू को उजागर किया जा सके।
थानाधिकारी का आधिकारिक बयान
अरावली विहार थानाधिकारी रामेश्वर लाल ने बुधवार को इस पूरे मामले की मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को मृतक के परिजनों से महत्वपूर्ण सुराग मिले थे जिसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई को गति दी गई। परिजनों ने बताया कि घटना से ठीक पहले नाबालिग बेटे को संदिग्ध परिस्थितियों में मौके के आसपास देखा गया था।
"मृतक के परिवार ने पुलिस को सूचित किया कि घटना से पहले मृतक का नाबालिग बेटा घटनास्थल के पास देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मृतक पिछले चार दिनों से शराब के नशे में था। हमें संदेह है कि घटना के दौरान कोई विवाद हुआ होगा जिसके कारण नाबालिग बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी।"
पारिवारिक विवाद और मुख्य वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात मुख्य रूप से सामने आ रही है कि मृतक पिछले चार दिनों से लगातार अत्यधिक शराब के सेवन में डूबा हुआ था। नशे की हालत में वह अक्सर घर में विवाद खड़ा करता था जिससे परिवार के सभी सदस्य काफी परेशान रहते थे। आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार की रात को भी इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ होगा।
लगातार होने वाले इस विवाद और नशे की लत ने आखिरकार एक भयानक रूप अख्तियार कर लिया जिसके चलते पिता की निर्मम हत्या जैसी वारदात घटित हुई। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या यह हमला अचानक उपजे गुस्से का परिणाम था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश शामिल थी। कानून के अनुसार नाबालिग से पूछताछ जारी है।
जांच और आगामी कानूनी प्रक्रिया
इस दुखद घटना के बाद से पुलिस हर एक बिंदु पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। अस्पताल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और चोटों की गंभीरता का सटीक खुलासा हो सकेगा। इस स्तब्ध करने वाली घटना के बाद कानूनी प्रक्रिया को बाल सुधार गृह और किशोर न्याय बोर्ड के नियमों के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
इलाके के लोग इस बात से बेहद हैरान हैं कि एक नाबालिग बच्चा इतना हिंसक कदम कैसे उठा सकता है। पिता की निर्मम हत्या के इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे कानून के दायरे में रहकर पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करेंगे ताकि सच सबके सामने आ सके और पीड़ित पक्ष को उचित न्याय मिल सके।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। कोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही अंतिम दोषियों का निर्धारण होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।