ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन को सिख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना
ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हो गया है। इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
सिख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना
अमृतसर, पंजाब। शहीदी दिवस के पावन अवसर पर ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भारतीय नागरिकों की यात्रा शुरू हो गई है। पांचवें सिख गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए भक्तों में भारी उत्साह है। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे और अपनी आस्था प्रकट करेंगे। सिख श्रद्धालुओं का जत्था अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते अपनी मंजिल की ओर बढ़ चुका है जिससे जुड़े सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।[विडियो]
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के परिवारों और रिश्तेदारों में भी जबरदस्त उमंग का माहौल बना हुआ है। इस यात्रा को न केवल एक धार्मिक कर्तव्य माना जा रहा है, बल्कि यह सिख इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता से सीधे तौर पर जुड़ने का एक बेहद अनमोल अवसर भी है। सिख श्रद्धालुओं का जत्था अपनी इस दस दिवसीय धार्मिक यात्रा को पूरा करने के बाद आगामी बीस जून को वापस स्वदेश लौट आएगा।[1]
धार्मिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य
इस विशेष यात्रा का आयोजन सिख इतिहास के महत्वपूर्ण धार्मिक प्रसंगों और गुरु साहिब के शहीदी पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाने के लिए किया गया है। जत्थे में शामिल सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सफल यात्रा के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। पड़ोसी देश में स्थित अपने पूजनीय और पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन का मौका मिलने पर भक्तों ने गहरी खुशी और संतोष व्यक्त किया है।
श्रद्धालुओं के अनुसार अपने जीवनकाल में गुरु साहिब के जन्मस्थान और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना रहा है। इस यात्रा को लेकर बूढ़े, बच्चे और युवाओं सभी में एक समान श्रद्धा भाव देखने को मिल रहा है। भक्तों का कहना है कि यह सफर उनके जीवन की दिशा को आध्यात्मिक रूप से और मजबूत करने में मददगार साबित होगा।
श्रद्धालुओं का व्यक्तिगत अनुभव
इस पवित्र सफर पर पहली बार जा रहे मोगा जिले के निवासी मेजर सिंह ने मीडिया से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन की इच्छा उनके मन में लंबे समय से थी जो अब पूरी होने जा रही है। उनके इस सफर पर जाने की खबर से उनका पूरा परिवार बेहद खुश और उत्साहित है।
"मुझे इस धार्मिक यात्रा के लिए दस दिनों का वीजा मिला है और मैं पहली बार इन पवित्र स्थानों के दर्शन के लिए जा रहा हूं। मेरे पूरे परिवार के लिए यह बेहद गर्व और खुशी का क्षण है।"
ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन
यात्रा में शामिल एक अन्य श्रद्धालु लखविंदर सिंह लाखा सलेमपुरी ने बताया कि विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने की उनकी अरदास आज पूरी हो गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार सिख श्रद्धालुओं का जत्था सबसे पहले ननकाना साहिब पहुंचेगा। वहां मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के बाद यह जत्था श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस से जुड़े मुख्य समारोहों में शिरकत करेगा।
इस पूरे दल का नेतृत्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं। उनकी देखरेख में यात्रा की सभी तैयारियों और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।
वीजा आवंटन की प्रशासनिक प्रक्रिया
इस धार्मिक यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पासपोर्ट और वीजा की लंबी प्रक्रिया पूरी की गई थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यात्रा के इच्छुक कुल पांच सौ इकसठ श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे। इनमें से संबंधित उच्चायोग द्वारा पांच सौ इकतालीस श्रद्धालुओं के वीजा आवेदनों को हरी झंडी दे दी गई।
शेष बचे बीस श्रद्धालुओं के वीजा आवेदनों को किन्हीं तकनीकी कारणों से खारिज कर दिया गया जिससे वे इस बार यात्रा का हिस्सा नहीं बन सके। सिख श्रद्धालुओं का जत्था अब पूरी तरह से अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर केंद्रित है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमा चेकपोस्ट पर पुख्ता इंतजाम किए हैं।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यात्रा से जुड़े नियमों एवं वीजा दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।
#WATCH | Amritsar, Punjab: A group of 541 Sikh pilgrims has departed for Pakistan. The Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee honoured them. The group 'Jatha' will take part in commemorations of Guru Arjan Dev Ji’s Shahid Diwas. pic.twitter.com/jwRaJgOD5v
— ANI (@ANI) June 10, 2026