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तेल टैंकर पर तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि से हड़कंप

ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी हवाई हमले के बाद लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि से पूरे समुद्री क्षेत्र में भारी तनाव और बड़ा संकट खड़ा

By अजय त्यागी
1 min read
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अमेरिकी हमले का शिकार टैंकर

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया कि ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी विमान के हमले के बाद लापता हुए तीन भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बीच उसी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले एक अन्य व्यापारिक जहाज पर भी दोबारा अमेरिकी हमले की खबरें सामने आई हैं। इन लगातार हो रहे हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।[1]

पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेटेबेलो नामक इस व्यापारिक जहाज पर बुधवार को अमेरिकी वायुसेना के एक लड़ाकू विमान ने भीषण हमला कर दिया था। इस हमले के बाद ओमान के सशस्त्र बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक दल के पच्चीस सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था जिनमें जीतोड़ कोशिशों के बाद इक्कीस भारतीय नागरिक शामिल थे। हालांकि इस बचाव अभियान के दौरान तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे जिनकी तलाश के बाद अब उनके शव बरामद कर लिए गए हैं जिससे भारतीय कूटनीतिक गलियारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।[2]

हमले के बाद सरकार की कार्रवाई

भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है और मृत नाविकों के परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा जताया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि को समुद्री परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ओमान में सुरक्षित बचे नाविकों की जल्द स्वदेश वापसी और मृतकों के शवों को तुरंत भारत लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

"पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेटेबेलो पर हुई यह दुखद घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की बात है कि शुरुआत में लापता घोषित किए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिलने और उनकी पहचान होने के बाद अब उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। सरकार इस कठिन घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।" - सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री

ओमान तट पर लगातार बढ़े हमले

इस बीच ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय चालक दल वाले एक और मर्चेंट वेसल पर गुरुवार को फिर से अमेरिकी हमला हुआ है। हालांकि इस दूसरे हमले में जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा है कि वे इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं।

भारत सरकार ने बुधवार को ही एमटी सेटेबेलो पर हुए पहले हमले की तीखी निंदा की थी और विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्यवाहक राजनयिक जेसन मीक्स कों तलब कर इस मामले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने मृत नाविकों में से दो की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में की है जिनकी भर्ती करने वाली कंपनियों ने इस बात की पुष्टि की है। कुल मिलाकर तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। 

"यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल के सदस्यों पर इस तरह के जानलेवा हमले किए जा रहे हैं। जिन जहाजों को निशाना बनाया गया वे पूरी तरह से निहत्थे थे और उन पर किसी भी प्रकार के हथियार नहीं लदे थे।" - मनोज यादव, महासचिव (FSUI)

अमेरिकी सेना की दलील और प्रतिक्रिया

दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि एमटी सेटेबेलो ओमान की खाड़ी से गुजरते समय अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन करने में लगातार विफल रहा था। इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने सटीक मार करने वाले हथियारों से जहाज के इंजन रूम पर हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस मर्चेंट शिप ने ईरान से तेल परिवहन का प्रयास कर मौजूदा सैन्य नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन किया था।

यूनियन के नेताओं का आरोप है कि युद्धविराम के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और अमेरिका दोनों ही व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी हमले विशेष रूप से जहाजों के इंजन रूम को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं जो ईंधन और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से भरे होते हैं जिससे नाविकों की जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया के व्यापारिक जहाजों के रूट को असुरक्षित बना दिया है जिसके चलते तेल टैंकर पर तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। ओमान तट के सैन्य घटनाक्रमों और मृत नाविकों के कानूनी मामलों की सटीक जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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