WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

नसबंदी के बाद महिला की संदिग्ध मौत से इलाके में मचा हड़कंप

नसबंदी के बाद घर लौटी एक विवाहिता की अचानक तबीयत बिगड़ने और इलाज के अभाव में महिला की संदिग्ध मौत होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।

By अजय त्यागी
1 min read
अस्पताल में जुटी भीड़

अस्पताल में जुटी भीड़

डूंगरपुर, राजस्थान। जिले के चितरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गड़िया गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद हैरान करने वाली लापरवाही उजागर हुई है। यहां नसबंदी का एक साधारण ऑपरेशन कराने के बाद एक विवाहिता की अत्यंत रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पति कालूराम ने इस पूरे घटनाक्रम में सीधे तौर पर सरकारी डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है।[1]

पुलिस को सौंपी गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार नौ जून दो हजार छब्बीस को कालूराम अपनी अड़तीस वर्षीय पत्नी सुशीला को नसबंदी ऑपरेशन के लिए सागवाड़ा जनरल अस्पताल लेकर गए थे। वहां कार्यरत सरकारी चिकित्सक डॉ. बनवारी लाल मीणा ने प्राथमिक जांच करने के बाद दोपहर के समय सुशीला का ऑपरेशन किया था। परिजनों का कहना है कि इसी ऑपरेशन के कुछ समय बाद से ही सुशीला की शारीरिक स्थिति निरंतर बिगड़ने लगी थी और अंततः महिला की संदिग्ध मौत हो गई।

लापरवाही का गंभीर आरोप

परिजनों के मुताबिक नसबंदी का ऑपरेशन संपन्न होने के बाद संबंधित डॉक्टरों ने महिला की हालत को पूरी तरह सामान्य और खतरे से बाहर बताकर अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। सुशीला को लेकर जब परिजन अपने घर पहुंचे, तो उसी रात करीब दस बजे उसके पेट में असहनीय तेज दर्द शुरू हो गया। रात के समय ग्रामीण इलाके में परिवहन का कोई साधन उपलब्ध न होने के कारण बेबस परिजन रातभर दर्द से तड़पती सुशीला को अस्पताल नहीं ले जा सके।

इसके अगले दिन दस जून की सुबह होते ही परिजन पीड़िता को तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे वापस सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित पति का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में डॉ. बनवारी लाल मीणा ने सुशीला को दोबारा भर्ती तो किया, लेकिन दोपहर में फिर से उसे ठीक बताकर घर भेज दिया जिसके कुछ घंटों बाद शाम को महिला की संदिग्ध मौत हो गई।

"फैमिली प्लानिंग को लेकर दो दिन पहले महिला अस्पताल में एडमिट हुई थी। ऑपरेशन के बाद तबीयत ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज किया गया था, लेकिन पेट दर्द की वजह से परिजन उसे वापस लाए थे। इलाज के बाद उसे दोबारा छुट्टी दी गई थी, लेकिन उसकी मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।" - डॉ. मोहम्मद इस्माइल, पीएमओ (सागवाड़ा अस्पताल)

मामले की निष्पक्ष जांच

सुशीला की अचानक मृत्यु होने की खबर मिलते ही मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया। पीड़ित पति कालूराम ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर द्वारा समुचित इलाज नहीं करने और बार-बार मरीज की गंभीर हालत की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने महिला की संदिग्ध मौत से जुडे इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करने और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

"परिजनों की तरफ से प्राप्त हुई लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी गई है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है और अब मौत की असली वजह जानने के लिए मेडिकल बोर्ड की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।" - रतनलाल जटिया, थाना अधिकारी (चितरी)

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सागवाड़ा अस्पताल के इस मामले में महिला की मृत्यु के वास्तविक कारणों की सटीक स्थिति के लिए मेडिकल बोर्ड की आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अंतिम अनुसंधान को ही सत्य माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source