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सड़क पर टला बड़ा हादसा, चालक की सूझबूझ से बची जिंदगियां 

नेशनल हाईवे पर यात्रियों से भरी बस के अचानक ब्रेक फेल होने के बाद विकट परिस्थितियों में भी चालक की सूझबूझ के चलते एक बड़ा और भयानक हादसा होने से टल गया।

By अजय त्यागी
1 min read
चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

उदयपुर, राजस्थान। राजस्थान के उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक अत्यंत भयानक सड़क हादसा होते-होते टल गया। नेशनल हाईवे संख्या अट्ठावन-ई पर स्थित खेरिया घाटा के समीप पचास से अधिक श्रद्धालुओं से खचाखच भरी एक निजी बस के अचानक ब्रेक फेल हो जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस विकट संकट के समय केवल चालक की सूझबूझ ही काम आई जिससे सभी लोग सुरक्षित रहे।[1]

इस खतरनाक मंजर को देखकर बस के भीतर सवार सभी श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। हालांकि बस ड्राइवर ने अपनी अदम्य हिम्मत और अदम्य साहस का परिचय देते हुए समय रहते वाहन पर नियंत्रण पा लिया जिससे एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई। इस बस में झाड़ोल क्षेत्र के बोराणा, देवास और उसके आसपास के विभिन्न गांवों के रहने वाले श्रद्धालु सवार थे।

"खेरिया घाटा के पास बस के ब्रेक अचानक पूरी तरह जवाब दे गए थे। गाड़ी तेजी से गहरी खाई की ओर बढ़ने लगी जिससे हम सभी यात्रियों में भयंकर दहशत फैल गई। करीब डेढ़ मिनट तक हम सभी लोगों की जान पूरी तरह सांसत में अटकी रही और लोग भगवान का नाम जप रहे थे क्योंकि सभी किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से अत्यधिक भयभीत थे।" - मदन मेहता (बस यात्री)

सराहनीय रहा प्रयास

प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रेक फेल होने के बाद ड्राइवर ने विकट परिस्थितियों में भी अपना आपा नहीं खोया और बुद्धिमानी से काम लिया। उसने बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए सड़क के दूसरी ओर मौजूद विशालकाय पत्थरों की दिशा में मोड़ दिया। बड़े पत्थरों से जोरदार तरीके से टकराने के बाद बस रुक गई जिसके चलते चालक की सूझबूझ ने पचास से अधिक जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया।

ड्राइवर की इस त्वरित तत्परता ने बस में सवार दर्जनों मासूम श्रद्धालुओं की अनमोल जिंदगी को समय रहते सुरक्षित बचा लिया। हालांकि इस जोरदार टक्कर के कारण बस में सवार पच्चीस से अधिक यात्री आंशिक रूप से घायल हुए हैं, जबकि पांच श्रद्धालुओं की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नाई थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गई थी जिसके कारण चालक की सूझबूझ की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है।

अधूरे निर्माण का संकट

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत बस से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर के एमबी अस्पताल में रेफर कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर घटना के लिए नेशनल हाईवे के लंबे समय से चल रहे अधूरे निर्माण कार्य को भी पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि रणघाटी और खेरिया घाटा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य काफी समय से लंबित पड़ा हुआ है।

उचित सुरक्षा मानकों के अभाव और अधूरे पड़े कार्यों के कारण इस विशिष्ट पहाड़ी मार्ग पर लगातार भयानक दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस खतरनाक मार्ग का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की पुरजोर मांग की है ताकि भविष्य में केवल चालक की सूझबूझ पर ही यात्रियों की सुरक्षा निर्भर न रहे। फिलहाल नाई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त स्थानीय स्रोतों एवं प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। दुर्घटना के कारणों और घायलों की सटीक स्थिति के लिए पुलिस प्रशासन एवं एमबी अस्पताल उदयपुर द्वारा जारी आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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