नकली बीज रिश्वत कांड के आरोपी का सनसनीखेज खुलासा
करोड़ों रुपए के रिश्वत कांड के बाद अब पांच लाख किलो से अधिक मूंगफली के अवैध स्टॉक को लेकर नकली बीज रिश्वत कांड के आरोपी का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है।
किरण कपाड़िया का माल जब्त करवाया था मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने
जोधपुर, राजस्थान। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा बीकानेर में पंद्रह करोड़ रुपए के सीज मूंगफली के नकली बीज छुड़ाने की एवज में ढाई करोड़ की भारी रिश्वत के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी किरण कुमार कपाड़िया को लेकर एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जांच के दौरान गुजरात के जूनागढ़ निवासी इसी आरोपी द्वारा भारी मात्रा में जमा किए गए स्टॉक का पता चला है, जिससे नकली बीज रिश्वत कांड के आरोपी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।[1]
कृषि विभाग द्वारा स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई आधिकारिक रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि आरोपी ने पांच लाख किलो से भी अधिक मूंगफली का अवैध स्टॉक छिपाकर रखा हुआ था। विभाग के निरीक्षक राजेंद्र गढ़वाल की ओर से मंडोर थाने में दी गई लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
"इस पूरे मामले में कृषि विभाग की लिखित रिपोर्ट पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस गंभीर प्रकरण की विस्तृत और गहनता से जांच करने की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर अरुणा कुमारी को सौंप दी गई है ताकि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकें।" - शेषकरण (थानाधिकारी, मंडोर)
छापेमारी और बरामदगी
कृषि विभाग की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि सत्ताईस मई को मंडोर क्षेत्र के नौ मील स्थित विनायक कोल्ड स्टोरेज पर की गई औचक छापेमारी के दौरान जो भारी मात्रा में मूंगफली बरामद हुई थी, वह वास्तव में गुजरात की दो अलग-अलग फर्मों की थी। इस पूरे माल का वास्तविक मालिक किरण कुमार कपाड़िया ही था, जिसने बिना किसी वैध दस्तावेज के इसका भंडारण किया था।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इस कार्रवाई में कुल सत्ताईस हजार एक सौ उनासी कट्टे मूंगफली के पाए गए थे, जिसमें प्रत्येक कट्टे में बीस किलो माल मौजूद था। इस गणित के हिसाब से कुल पांच लाख तैंतालीस हजार पांच सौ अस्सी किलो माल जमा किया गया था, जिससे नकली बीज रिश्वत कांड के आरोपी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। विभाग ने इस अवैध भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज की मालिक शीखा भूतड़ा व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
सियासी हलचल तेज
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई थी जब कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने खुद कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा था। उस समय संचालक माल के स्वामित्व से जुड़े वैध कागजात या अनुज्ञा पत्र पेश नहीं कर पाए थे। मंत्री ने अंदेशा जताया था कि करीब पचास करोड़ रुपए की कीमत वाले इस माल को आगामी सीजन में किसानों को बीज के नाम पर महंगे दामों में बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
कार्रवाई के दस दिन बाद जब एसीबी ने इसी जब्त माल को वापस गुजरात भेजने के लिए ढाई करोड़ की रिश्वत लेते हुए बीज निदेशक जुगल किशोर विश्नोई, फलोदी विधायक के पीए गणपत विश्नोई और किरण कुमार कपाड़िया सहित चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इसके बाद जब सरकार और विभागीय मंत्री विरोधियों के निशाने पर आए, तब जाकर विभाग ने आनन-फानन में पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसके बाद नकली बीज रिश्वत कांड के आरोपी का सनसनीखेज खुलासा आधिकारिक रूप से दर्ज हो सका।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त विभागीय स्रोतों एवं पुलिस एफआईआर में दर्ज तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इस मामले में न्यायालय, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही जांच के अंतिम निष्कर्षों को ही पूर्ण सत्य माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।