सहायक प्रोफेसर पद के लिए राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तीन साल के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश में सहायक प्रोफेसर पद हेतु राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
SET के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के विशेष निर्देशानुसार इस वर्ष बहुप्रतीक्षित राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय को आधिकारिक रूप से सौंपी गई है। वर्ष दो हजार तेईस के बाद करीब तीन वर्ष के लंबे अंतराल पर आयोजित होने जा रही यह प्रतिष्ठित परीक्षा राज्य के समस्त राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता निर्धारण का मुख्य आधार बनेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित की गई केंद्रीय समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस परीक्षा के सफल संचालन, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था तथा संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। इस परीक्षा के जरिए उच्च शिक्षा संस्थानों में योग्य एवं प्रतिभाशाली शिक्षकों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का सबसे बड़ा आधार बनेगा। इस महत्वपूर्ण कदम से राज्य के हजारों योग्य अभ्यर्थियों में उम्मीद की नई किरण जगी है क्योंकि लंबे समय बाद राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है।
"राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन करना कोटा विश्वविद्यालय के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा दायित्व है। हमारा विश्वविद्यालय इस परीक्षा की पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं उच्चतम गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं।" - प्रो. बी.पी. सारस्वत (कुलपति, कोटा विश्वविद्यालय)
आवेदन की प्रक्रिया
इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी चौदह जून से विधिवत प्रारंभ होकर पंद्रह जुलाई दो हजार छब्बीस तक निरंतर चलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की केंद्रीय समिति की बैठक के दौरान परीक्षा का संभावित आयोजन छह सितम्बर दो हजार छब्बीस को कराया जाना पूरी तरह प्रस्तावित किया गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक के अवसर पर रजिस्ट्रार राजपाल सिंह, प्रोफेसर एन एल हेडा, प्रोफेसर ओ पी ऋषि, प्रोफेसर भवानी सिंह, नोडल अधिकारी एचएस शक्तावत और भगवान कर्मचांदी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
उम्मीदवारों की सहूलियत और तकनीकी गड़बड़ियों से बचने के लिए राजस्थान सरकार के आधिकारिक रिक्रूटमेंट पोर्टल का सीधे उपयोग किया जाएगा। अभ्यर्थी अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से सीधे इस पोर्टल पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सिंगल साइन-ऑन के माध्यम से रिक्रूटमेंट पोर्टल पर फॉर्म लाइव किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को फॉर्म भरते समय कोई परेशानी न हो, इसलिए राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन करने से पहले उन्हें अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
योग्यता और शुल्क
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर उपाधि होना बेहद आवश्यक है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम पचपन प्रतिशत तथा ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग एवं थर्ड जेंडर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पचास प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थी एवं परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी भी प्रोविजनल आधार पर आवेदन करने के पात्र होंगे।
इसके लिए आवेदन शुल्क सामान्य एवं ओबीसी क्रीमीलेयर वर्ग के लिए पंद्रह सौ रुपये, ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बारह सौ रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग वर्ग के लिए साढ़े सात सौ रुपये निर्धारित किया गया है। इस बार परीक्षा पैंतीस अलग-अलग विषयों में आयोजित की जाएगी। इसके परीक्षा केंद्र राजस्थान के विभिन्न संभागीय मुख्यालयों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन सुगम तरीके से हो सके।
परीक्षा का पैटर्न
इस परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप ऑफलाइन यानी ओएमआर आधारित पद्धति से किया जाएगा। परीक्षा में कुल दो अनिवार्य प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें कुल एक सौ पचास बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम प्रश्नपत्र में शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता, तार्किक क्षमता तथा सामान्य बौद्धिक दक्षता से संबंधित पचास प्रश्न होंगे, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र में अभ्यर्थी द्वारा चयनित मुख्य विषय से संबंधित कुल एक सौ प्रश्न शामिल किए जाएंगे।
दोनों प्रश्नपत्रों के लिए कुल तीन सौ अंक निर्धारित किए गए हैं तथा परीक्षा की कुल अवधि तीन घंटे की होगी। परीक्षा में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं किया जाएगा और प्रत्येक सही उत्तर के लिए अभ्यर्थियों को दो अंक प्रदान किए जाएंगे। परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, जैमर, उड़नदस्तों की तैनाती तथा ओएमआर शीट की त्रि-स्तरीय सुरक्षा कोडिंग व्यवस्था लागू की जाएगी जिससे राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन पूरी पवित्रता से संपन्न हो।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट कोटा विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। परीक्षा की तिथियों, पाठ्यक्रम, विषय सूची और नियमों में किसी भी प्रकार के बदलाव की पुष्टि के लिए केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल का ही अवलोकन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।