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बड़ी सफलता, पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई से मचा हड़कंप

जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में बिना लाइसेंस पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई कर पुलिस ने भारी मात्रा में बारूद जब्त किया है।

By अजय त्यागी
1 min read
जब्त पटाखे और गिरफ्तार दुकान संचालक

जब्त पटाखे और गिरफ्तार दुकान संचालक

जयपुर, राजस्थान। राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में हाल ही में पटाखों की एक अवैध फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयंकर हादसे के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। शहर में बिना लाइसेंस अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियों के साथ ही पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने अब चौतरफा नकेल कसना शुरू कर दिया है।[1]

इसी कड़ी में करधनी थाना पुलिस ने शुक्रवार को दो बड़े संदिग्ध गोदामों में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध रूप से इकट्ठा किए गए बारूद और पटाखों पर कड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस टीम ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाके में छिपाकर रखे गए इन खतरनाक पटाखों को पूरी तरह जब्त कर लिया है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले मुख्य दुकान संचालक को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया है।

"जयपुर जिले में बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने वाली विस्फोटक पदार्थ की फैक्ट्रियों के साथ ही गोदामों में अवैध रूप से पटाखों का खतरनाक संग्रहण करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" - प्रशांत किरण (डीसीपी, जयपुर पश्चिम)

टीम को सफलता

करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता और झोटवाड़ा एसीपी शिव कुमार के सुपरविजन में पुलिस की एक मुस्तैद टीम लगातार काम कर रही थी। इस विशेष टीम को करधनी थाना इलाके की वसंत विहार कॉलोनी में स्थित एक बंद पड़े गोदाम में पटाखों के अवैध भंडारण की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी।

मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और वसंत विहार कॉलोनी में चिन्हित किए गए स्थान पर घेराबंदी की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम के मालिक को मौके पर ही तलब किया ताकि वैधानिक तरीके से ताले खोलकर अंदर की सघन तलाशी ली जा सके। इस बड़ी रेड के बाद से ही क्षेत्र में पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है।

जांच में गड़बड़ी

सघन जांच के दौरान गोदाम संचालक विनोद अग्रवाल को तुरंत मौके पर बुलाकर बंद पड़े गोदाम को खुलवाया गया और पुलिस अधिकारियों द्वारा बारीकी से जांच की गई। पुलिस को वहां दो बड़े गोदामों के भीतर कई कार्टन में बंद भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे पटाखे मिले। पुलिस टीम ने जब संचालक से इसके भंडारण के संबंध में पूछा, तो उसने कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं होने की बात स्वीकार की।

दस्तावेज न मिलने पर पुलिस ने दो गोदाम से दो हजार एक सौ दो बड़े कर्टन में रखे लाखों रुपयों के पटाखों को भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत जब्त कर लिया। इसके साथ ही मुख्य आरोपी गोदाम संचालक विनोद अग्रवाल को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। इस प्रकार पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई करते हुए एक बड़े संभावित हादसे को समय रहते टाल दिया गया।

कड़ी कानूनी कार्रवाई

डीसीपी प्रशांत किरण ने आम जनता को सख्त लहजे में आगाह किया है कि रिहायशी क्षेत्रों में बिना लाइसेंस विस्फोटक पदार्थ की फैक्ट्रियों का संचालन करने वालों और बारूद का अवैध रूप से भंडारण करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आबादी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर व्यावसायिक लाभ के लिए बारूद जमा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध रूप से विस्फोटक की फैक्ट्रियों का संचालन करने या पटाखों का भंडारण करने से भविष्य में कोई अप्रिय घटना या जनहानि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस की इस सख्त हिदायत और पटाखों के अवैध भंडारण पर कार्रवाई के बाद से अवैध रूप से बारूद का कारोबार करने वाले माफियाओं में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट जयपुर पुलिस विभाग और करधनी थाना पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक तथ्यों एवं प्राथमिक जांच रिपोर्ट पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल आमजन की जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी, जब्त सामग्री की अंतिम सूची और कानूनी धाराओं के विस्तृत विवरण के लिए राजस्थान पुलिस के आधिकारिक पोर्टल को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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