तीव्र भूकंप के झटके और तबाही से कांपी धरती एक की मौत
प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित द्वीप पर तीव्र भूकंप के झटके और तबाही देखी गई है जिसके कारण भारी बुनियादी नुकसान हुआ है।
भूकंप के दौरान अपने आप गिरता सामान
जकार्ता। प्रशांत महासागर के बेहद संवेदनशील रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख द्वीप पर तीव्र भूकंप के झटके और तबाही का खौफनाक मंजर देखने को मिला है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार की सुबह आए इस भीषण भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर छह दशमलव सात मापी गई है जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आपदा शमन एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।[विडियो]
इस शक्तिशाली भूगर्भीय हलचल का केंद्र प्रांतीय राजधानी से लगभग बयालीस किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में जमीन से महज दस किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार देश की मुख्य भूभौतिकी एजेंसी बीएमकेजी ने इस बात की पुष्टि की है कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों से बाहर की तरफ भागने लगे। स्थानीय प्रशासन ने देर रात जानकारी दी कि इस आपदा में घायल हुए अड़तीस लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।[1]
बुनियादी ढांचे को नुकसान
इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और तीन प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाली मुख्य सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि इस शक्तिशाली भूकंप के कारण सड़कों के अलावा कई पुलों, सरकारी कार्यालयों और धार्मिक स्थलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार क्षेत्र के कम से कम सड़सठ घरों के पूरी तरह जमींदोज होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
भूवैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इस बार आए तीव्र भूकंप के झटके और तबाही के बाद समुद्र में सुनामी की कोई लहर नहीं उठी है जो एक बड़ी राहत की बात है। अत्यधिक संवेदनशील टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित होने के कारण यह पूरा इलाका दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी बेल्ट के अंतर्गत आता है जो दक्षिण अमेरिका से लेकर रूस के सुदूर पूर्व तक फैला हुआ है। यही कारण है कि इस समूचे बेल्ट में लगातार विनाशकारी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती रही हैं।
पुरानी आपदाओं की यादें
इस नए संकट ने स्थानीय निवासियों के दिलों में साल 2018 में आई उस भीषण आपदा की कड़वी यादों को एक बार फिर पूरी तरह ताजा कर दिया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उस दौरान इस द्वीप पर सात दशमलव पांच तीव्रता का एक अत्यंत विनाशकारी भूकंप आया था जिसने समुद्र में छह मीटर ऊंची प्रलयंकारी सुनामी लहरों को जन्म दिया था। उस ऐतिहासिक आपदा में हजारों मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जो इतिहास की सबसे भीषण त्रासदियों में दर्ज है।
वर्तमान हालातों को देखते हुए प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य काफी तेजी से चलाए जा रहे हैं ताकि मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। तीव्र भूकंप के झटके और तबाही के इस ताजा घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने लोगों को जर्जर इमारतों से दूर रहने और खुले स्थानों पर समय बिताने की सख्त हिदायत जारी की है। भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिक आने वाले समय में महसूस किए जाने वाले संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी स्थितियां और हताहतों के आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।
The M6.7 earthquake in Palu and Sigi, Indonesia, was followed by three strong aftershocks: two M5.0 tremors and one M5.1. #gempa #lindol #sismo.
— GeoTechWar (@geotechwar) June 16, 2026
At least eight people are injured, and widespread building damage is reported across Central Sulawesi. https://t.co/CQDzYrIQH9 pic.twitter.com/JY28zWzw7X