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राजस्थान

सीमित अवधि के लिए खुला तबादलों का रास्ता, तबादला नीति में बड़ी राहत

राजस्थान सरकार ने राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर लगी पूर्ण रोक को हटाते हुए तबादला नीति में बड़ी राहत प्रदान की है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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जयपुर, राजस्थान। प्रदेश सरकार ने लंबे समय से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय (अनुभाग-1) विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर प्रदेश में पूर्व से लागू स्थानांतरण प्रतिबंध को एक निश्चित अवधि के लिए पूरी तरह से हटा दिया गया है। विभाग के निर्देशानुसार आगामी उन्नीस जून से पांच जुलाई दो हजार छब्बीस तक प्रदेश के विभिन्न महकमों में तबादलों का दौर सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा जिससे लंबे समय से प्रतीक्षारत कार्मिकों को तबादला नीति में बड़ी राहत मिल चुकी है।

इस बार शासन की ओर से साफ किया गया है कि स्थानांतरण की यह विशेष छूट सभी सरकारी श्रेणियों पर समान रूप से प्रभावी नहीं होगी। मानसून के मौसम में विभिन्न प्रकार की मौसमी बीमारियों की आशंका और अति आवश्यक जन स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा विभाग के समस्त कार्मिकों पर स्थानांतरण प्रतिबंध आगामी आदेशों तक पूर्ववत लागू रहेगा। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले तृतीय श्रेणी वेतन शृंखला के शिक्षकों को भी इस बार सरकार द्वारा दी गई इस अस्थाई छूट के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। [1]

प्राथमिकता वाली श्रेणियां

इस बार की नवीन तबादला प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कुछ विशेष संवेदनशील श्रेणियों के आवेदकों को चिन्हांकित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तबादला नीति में बड़ी राहत देने का मन बनाया है। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत राजकीय सेवा में कार्यरत एकल महिला कर्मचारी, विधवा एवं परित्यक्ता श्रेणी की महिला कर्मचारियों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मेडिकल बोर्ड या किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित गंभीर अथवा असाध्य बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों के आवेदनों को भी पहले निस्तारित किया जाएगा।

कैंसर, मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, गुर्दे जैसी प्राणघातक बीमारियों से ग्रसित कार्मिकों तथा बहुत ही लंबी अवधि से एक ही स्थान पर लगातार अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को भी इसमें तरजीह दी जाएगी। इसके साथ ही दिव्यांग श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों एवं सरकारी सेवा में सक्रिय पति-पत्नी के संयुक्त स्थानांतरण मामलों को मानवीय और प्रशासनिक दृष्टिकोण से शीर्ष वरीयता दी जाएगी ताकि जरूरतमंद परिवारों को तबादला नीति में बड़ी राहत का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके।

स्वायत्त संस्थाओं में नियम

इस नवीनतम प्रशासनिक फेरबदल के तहत सरकार ने यह भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह उदार व्यवस्था केवल मुख्य सचिवालय या राज्य के बड़े विभागीय कार्यालयों तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। यह आदेश प्रदेश के समस्त राजकीय निगमों, विभिन्न सार्वजनिक मंडलों, सरकारी बोर्डों और सभी स्वायत्तशासी संस्थाओं के अधीन कार्यरत कर्मचारियों पर भी समान प्रशासनिक रूप से लागू माना जाएगा। प्रतिबंध हटने के बाद अब सभी संबंधित विभागों में तबादला आवेदन जमा करने, उनकी समीक्षा करने और अनुशंसा भेजने की गतिविधियां अचानक बहुत तेज हो गई हैं।

हजारों कर्मचारी गृह जिलों में जाने या अपनी सुविधानुसार अन्य स्थानों पर नियुक्ति पाने के लिए इस नीतिगत अवसर की लंबे समय से बहुत बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे। हालांकि शासन ने कड़े संकेत दिए हैं कि यह विशेष छूट पूर्णतः एक निर्धारित समय सीमा तक ही सीमित रहने वाली है और इसके समाप्त होने के बाद आगामी निर्णयों की समीक्षा बिल्कुल अलग स्तर पर की जाएगी। इच्छुक अधिकारियों के लिए यह आगामी पंद्रह दिनों की अवधि प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध होने जा रही है क्योंकि इसके बाद फिर से कड़े प्रतिबंध लागू हो जाएंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान प्रशासनिक सुधार विभाग की स्थानांतरण नियमावली, तृतीय श्रेणी शिक्षकों व चिकित्सा कर्मियों हेतु आगामी विशेष दिशा-निर्देशों और विभागवार ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए संबंधित प्रशासनिक सुधार विभाग और राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक गजट अधिसूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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