SMS अस्पताल की सफलता: जटिल सर्जरी कर 12 किलो की गांठ को निकाला
जयपुर के डॉक्टरों ने किशोरी के पेट से 12 किलो की गांठ निकाल कर SMS अस्पताल की सफलता के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
सर्जरी करने वाली टीम
जयपुर, राजस्थान। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण मामले में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने एक अत्यंत कठिन शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए झुंझुनू जिले के सिंघाना निवासी पंद्रह वर्षीय किशोरी के पेट से लगभग बारह किलोग्राम वजनी विशाल एब्डॉमिनल ट्यूमर को बाहर निकाला है। इस संवेदनशील शल्य चिकित्सा के सुखद परिणामों के बाद चिकित्सा जगत में इस अभूतपूर्व इलाज और SMS अस्पताल की सफलता की चारों तरफ सराहना की जा रही है। [1]
पीड़ित किशोरी पिछले कई महीनों से पेट में लगातार हो रही अत्यधिक सूजन, असहनीय भारीपन तथा भोजन करने में आ रही गंभीर कठिनाइयों से जूझ रही थी। ट्यूमर का आकार बहुत तेजी से बढ़ने के कारण बच्ची की सामान्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी थीं। जांच के बाद उसे एसएमएस अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया जहां सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा जैन के निर्देशन में डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाई।
सफल सर्जिकल प्रक्रिया
इस मुख्य ऑपरेशन टीम में डॉ. हनुमान खोजा, डॉ. द्रव्या, डॉ. आयुष एवं डॉ. भावना शामिल रहे। इसके साथ ही सहयोगी टीम में डॉ. फारुख खान, डॉ. दिनेश चंद शर्मा एवं डॉ. अक्षिता ने महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग दिया जबकि एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. शैलेश द्वारा किया गया। इन सभी डॉक्टरों के बेहतरीन और सटीक तालमेल की बदौलत ही चिकित्सा के इतिहास में SMS अस्पताल की सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सका।
चिकित्सकों के अनुसार इस विशाल ट्यूमर ने मरीज के पेट के अधिकांश भीतरी हिस्से को पूरी तरह घेर रखा था। चिकित्सा टीम ने अत्यंत सावधानी और उन्नत सर्जिकल तकनीक का उपयोग करते हुए उस खतरनाक ट्यूमर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे इस जटिल केस में SMS अस्पताल की सफलता की गूंज हर तरफ सुनाई दे रही है। सफल शल्य चिकित्सा के बाद मरीज की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है, पेट की सूजन पूरी तरह गायब हो गई है और वह सामान्य रूप से खाना खा पा रही है।
"सर्जरी के दौरान मरीज के पेट में लगभग बारह किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर पाया गया था जिसने पेट के अधिकांश हिस्से को घेर रखा था, जिसे अत्यंत सावधानी और उन्नत सर्जिकल तकनीक की सहायता से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और अब मरीज पूरी तरह ठीक है।" : डॉ. हनुमान खोजा, वरिष्ठ चिकित्सक, एसएमएस अस्पताल
मुफ्त इलाज की सुविधा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि पीड़ित मरीज का यह संपूर्ण और जटिल उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत पूरी तरह से निःशुल्क किया गया है। इस सरकारी मदद के कारण गरीब परिवार पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार सही समय पर सटीक निदान मिलने के कारण ही इस मासूम मरीज को इतनी बड़ी शारीरिक पीड़ा से मुक्ति मिल सकी है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि मील का पत्थर है और सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची की आंतों की क्रिया सामान्य होने से SMS अस्पताल की सफलता पर डॉक्टरों ने खुशी जताई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सवाई मानसिंह अस्पताल के इस सर्जिकल मामले की विधिक रिपोर्ट, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के पात्रता नियमों और मरीज के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए स्थानीय अस्पताल प्रशासन and राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।