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राष्ट्रीय

RE-NEET 2026: छात्रों में तनाव, बेक़सूर अभ्यर्थियों की बढ़ी परेशानी

सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने से RE-NEET 2026 के लाखों बेकसूर उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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नई दिल्ली, भारत। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में शामिल होने वाले 20 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवार इस समय बिना किसी गलती के भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। केवल परीक्षा का परिणाम ही रद्द नहीं हुआ है, बल्कि पूरी परीक्षा को दोबारा कल 21 जून को आयोजित किया जा रहा है। इन अभ्यर्थियों ने शुरुआत में 3 मई को यह परीक्षा दी थी, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोपों के बाद इसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने देश भर के छात्रों को हिलाकर रख दिया है, जिससे RE-NEET 2026 का यह अभूतपूर्व संकट हर तरफ दिखाई दे रहा है। [1]

इस बेहद प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले कुल छात्रों में से केवल 5% से 6% उम्मीदवारों को ही देश के मेडिकल स्कूलों में दाखिला मिल पाता है। इस कड़े मुकाबले के बीच अचानक पूरी परीक्षा को रद्द करके कल 21 जून को दोबारा कराए जाने की इस कड़वी सच्चाई ने युवाओं के भीतर एक गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद नई दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में सैकड़ों छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जिसने वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन के लिए एक बड़ी राजनीतिक मुसीबत खड़ी कर दी है।

छात्रों में भारी आक्रोश

मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी राजनेताओं ने यह भी दावा किया है कि इस परीक्षा विफलता के कारण कुछ अत्यंत निराश छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम भी उठाया है, हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक ऐसे दावों की प्रामाणिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस पूरे हंगामे के बीच देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार हर हाल में एक निष्पक्ष और पारदर्शी री-टेस्ट सुनिश्चित करेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए इस बार RE-NEET 2026 की कल होने वाली दोबारा परीक्षा हेतु कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।

सुरक्षा के इसी प्रयास के तहत सरकार ने परीक्षा संपन्न होने तक मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है, जिसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के कार्यकर्ताओं ने आलोचना भी की है। हालांकि शुक्रवार को टेलीग्राम अदालत में इस प्रतिबंध के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई हार गया। एक भारतीय अदालत ने फैसला सुनाया कि सरकार की यह कार्रवाई पूरी तरह से वैध और तर्कसंगत है। सरकार ने अदालत में तर्क दिया था कि अपनी गोपनीयता और चैनलों के आसान पुनर्निर्माण की सुविधाओं के कारण टेलीग्राम एक अनूठा मामला है, जिसने इस RE-NEET 2026 के प्रश्नपत्र लीक मामले को बढ़ाने में भूमिका निभाई।

"यह परीक्षा हमें मानसिक रूप से पूरी तरह निचोड़ देती है। हम इस परीक्षा को पास करने के लिए सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, और फिर अचानक पेपर लीक हो जाता है और परिणाम रद्द करके कल 21 जून को दोबारा पूरी परीक्षा ली जा रही है।" : अलीमा जावेद, 20 वर्षीय मेडिकल अभ्यर्थी, श्रीनगर

जांच और कड़े कदम

भारतीय सरकारी अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने इस कथित पेपर लीक के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए एक बहु-एजेंसी जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता वर्तमान में संदिग्ध चीटिंग नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस मामले में देश के कई राज्यों से कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं, और प्रशासन ने परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले दोषियों के खिलाफ भविष्य में और अधिक कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने की कड़ी चेतावनी दी है, ताकि RE-NEET 2026 की शुचिता को दोबारा कायम किया जा सके।

इस बार कल होने वाली परीक्षा के केंद्रों पर कड़ी निगरानी, प्रश्नपत्रों के रखरखाव पर सख्त नियंत्रण और आधुनिक डिजिटल ट्रैकिंग प्रणालियों का उपयोग करने की घोषणा की गई है। लेकिन छात्रों का कहना है कि इन सख्त सरकारी उपायों से उनके दिमाग पर बना परीक्षा का भारी दबाव कम नहीं हुआ है। कई अभ्यर्थी इस कदर डरे हुए हैं कि वे मनोचिकित्सकों की मदद लेने को मजबूर हैं। इस तरह की प्रशासनिक अनिश्चितताओं ने इस पूरे सत्र को प्रभावित किया है, और यह RE-NEET 2026 आने वाले दिनों में देश की संपूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा चुनौतीपूर्ण विषय साबित हो सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। नीट परीक्षा के नए नियमों, कल 21 जून की आधिकारिक परीक्षा गाइडलाइंस, नए प्रवेश पत्रों, परीक्षा केंद्रों की सूची और जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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