WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
राष्ट्रीय

ग्लोबल टेक कंपनियों पर दबाव, जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम जरूरी

टेक दिग्गज अमेजॉन ने भारत में जल सकारात्मक बनने का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

मुंबई, महाराष्ट्र। वैश्विक तकनीकी दिग्गजों पर संसाधन-खपत वाले एआई डेटा केंद्रों के विस्तार को लेकर बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी कंपनी अमेजॉन ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने दावा किया है कि उसके भारतीय परिचालन ने जल स्थिरता के मामले में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल कर लिया है। अमेजॉन इस साल भारत में पूरी तरह से "वॉटर पॉजिटिव" यानी जल सकारात्मक हो गया है, जिसका मतलब है कि वह अपने डेटा केंद्रों, कॉर्पोरेट कार्यालयों और गोदामों में जितने पानी का उपयोग करता है, उससे कहीं अधिक पानी स्थानीय समुदायों को वापस लौटा रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने यह सफलता निर्धारित समय से 1 वर्ष पहले ही प्राप्त कर ली है, जो उद्योग जगत के लिए जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। [1]

कंपनी ने अपनी सुविधाओं में पानी के उपयोग को कम करके और वाटरशेड बहाली तथा कुशल सिंचाई जैसी परियोजनाओं के माध्यम से इस कठिन लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट की गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियां वर्तमान में डेटा सेंटर परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर शेयरधारकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना कर रही हैं। अमेजॉन ने वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर अपने सभी डेटा सेंटर परिचालनों में वॉटर पॉजिटिव बनने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने भारतीय डेटा केंद्रों को ठंडा करने के लिए पानी का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करती है, जिससे जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाने में मदद मिली है।

भीषण जल संकट

यह समस्या भारत के संदर्भ में विशेष रूप से अत्यंत गंभीर है, क्योंकि देश में वैश्विक आबादी का 18% हिस्सा निवास करता है, लेकिन यहाँ दुनिया के मीठे पानी के संसाधनों का केवल 4% हिस्सा ही उपलब्ध है। भारत में गर्मी का मौसम आमतौर पर पानी की भारी किल्लत और राशनिंग लेकर आता है, और इस साल एक मजबूत अल नीनो के कारण कमजोर मानसूनी बारिश से स्थिति और भी अधिक विकराल हो गई है। सबसे गंभीर रूप से प्रभावित राज्यों में कर्नाटक, जहाँ तकनीकी केंद्र बेंगलुरु स्थित है, और महाराष्ट्र शामिल हैं, जहाँ देश की वित्तीय राजधानी मुंबई स्थित है।

अधिकारियों ने इसी सप्ताह चेतावनी दी है कि 13 मिलियन की आबादी वाले मुंबई शहर के पास अब केवल 40 दिनों का पानी शेष बचा है। इस गंभीर संकट के समय अमेजॉन भारत में अपने पैर पसार रहा है, जहाँ वह एआई क्षमताओं और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2030 तक 35 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे समय में जब पानी की एक-एक बूंद कीमती हो चुकी है, इस बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा जल प्रबंधन के कुशल तौर-तरीके अपनाना पर्यावरण सुरक्षा और जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

"अमेजॉन की क्लाउड सेवा प्रदाता इकाई, अमेजॉन वेब सर्विसेज (AWS), महाराष्ट्र में लगभग 8.2 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने भी पिछले 1 वर्ष के दौरान भारत में बड़े डेटा सेंटर निवेश की घोषणाएं की हैं।" : सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार

बढ़ते निवेश और चुनौतियां

इस बड़े वित्तीय निवेश के साथ ही टेक कंपनियों के लिए स्थानीय संसाधनों के संरक्षण की चुनौती भी काफी बढ़ गई है। चूंकि भारतीय निवेश कानून विदेशी फर्मों को स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए बाध्य करते हैं, इसलिए पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का प्रसार स्थानीय स्तर पर भी तेजी से हो रहा है। डेटा केंद्रों के निरंतर बढ़ते साम्राज्य के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अब वैश्विक कूटनीति और व्यापारिक नीतियों का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।

तकनीकी उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि अन्य वैश्विक कंपनियां भी इस दिशा में ठोस नीतियां नहीं बनाती हैं, तो आने वाले समय में संसाधन संकट और अधिक गहरा सकता है। अमेजॉन द्वारा समय से पहले हासिल किया गया यह मील का पत्थर यह साबित करता है कि औद्योगिक विकास और प्रकृति का संरक्षण एक साथ संभव है। उम्मीद है कि इस पहल को देखने के बाद अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी अपनी परियोजनाओं में सुधार करेंगी और जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भविष्य की आपदाओं को रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अमेजॉन के जल सकारात्मक दावों की तकनीकी प्रामाणिकता, डेटा सेंटर्स के तकनीकी विनिर्देशों, महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक निवेश नीतियों और मुंबई व बेंगलुरु के वास्तविक जल स्तर के आंकड़ों से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए संबंधित कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइटों और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source