हवाई संपर्क सुदृढ़ होने से समंदर किनारे पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी
मजबूत हवाई कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक पर्यटन के चलते साल के शुरुआती पांच महीनों में तटीय राज्य में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है।
बागा बीच, गोवा - फाइल फोटो : इन्टरनेट
पणजी, गोवा। देश के सबसे पसंदीदा अवकाश स्थलों में शुमार समंदर किनारे बसे खूबसूरत राज्य में इस साल के शुरुआती पांच महीनों में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई के बीच तटीय राज्य का दीदार करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में 46.39 लाख से अधिक सैलानी पहुंचे हैं। इस अभूतपूर्व विकास के चलते समंदर किनारे पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी को दर्शाती है। राज्य सरकार ने इस निरंतर वृद्धि का मुख्य श्रेय मजबूत हवाई संपर्क, विविध पर्यटन अनुभवों और यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दिया है। [1]
पर्यटन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों के दौरान इस सुरम्य राज्य में कुल 46,39,165 आगंतुक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.39 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल आगमन में से घरेलू पर्यटकों की हिस्सेदारी 44,37,018 रही, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 2,02,147 दर्ज की गई है। केवल मई के महीने में ही यहां 9,69,090 सैलानी पहुंचे, जिसके चलते मई 2025 की तुलना में 4.53 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी।
"हमारे सुंदर समुद्र तट हमेशा की तरह आज भी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बने हुए हैं, लेकिन अब यात्री हमारी समृद्ध संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिकता, कल्याणकारी पेशकशों, अंदरूनी इलाकों के अनुभवों, पारंपरिक त्योहारों और बेहतरीन पाक कला को तेजी से तलाश रहे हैं।" : रोहन खौंटे, पर्यटन मंत्री
बदलता पर्यटन परिदृश्य
इस व्यापक आधार वाले विकास से राज्य को एक अधिक लचीली पर्यटन अर्थव्यवस्था के निर्माण में मदद मिल रही है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस बड़े उद्योग के लाभ सभी स्थानीय समुदायों तक समान रूप से पहुंचें। पर्यटन विभाग के अनुसार, जहां घरेलू पर्यटन समग्र आगमन का एक प्रमुख चालक बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बेहतर हवाई संपर्क, चार्टर उड़ानों के निरंतर संचालन और क्रूज पर्यटन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
राज्य में मौजूद दोहरे हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे ने इस बदलाव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डाबोलिम हवाई अड्डे और मोपा में स्थित मनोहर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की संयुक्त संचालन शक्ति ने इस पर्यटन क्षेत्र की पहुंच को काफी बढ़ा दिया है। इन दोनों हवाई अड्डों ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में राज्य की पैठ को व्यापक बना दिया है, जिसके कारण ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है।
"वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों के दौरान दर्ज की गई यह स्थिर वृद्धि हमारे पर्यटन क्षेत्र की ताकत और अनुकूलन क्षमता को बखूबी प्रदर्शित करती है। हम जिम्मेदार और टिकाऊ विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।" : केदार नायक, पर्यटन निदेशक
सतत विकास पर फोकस
केंद्रित गंतव्य विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और विविध पर्यटन अनुभवों के संवर्धन के माध्यम से यह खूबसूरत तटीय क्षेत्र अब साल भर आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस रणनीति से सैलानियों को राज्य के अलग-अलग पहलुओं को करीब से तलाशने का मौका मिल रहा है। प्रशासन का मुख्य ध्यान वर्तमान में आगंतुकों के अनुभवों को बढ़ाने के साथ-साथ जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन विकास को आगे बढ़ाने पर मजबूती से केंद्रित है।
पर्यटन विभाग ने कहा कि राज्य सकारात्मक गति के साथ वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में प्रवेश कर रहा है और दीर्घकालिक विकास के लिए तैयार एक समावेशी पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बेहतरीन नीतिगत बदलाव के कारण ही आज समुद्र तटीय क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है। आने वाले मानसूनी सीजन में भी ट्रेकिंग और हिंटरलैंड टूरिज्म के जरिए पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। होटल बुकिंग के नियमों, हवाई अड्डों की उड़ानों के समय, पर्यटन विभाग की नई गाइडलाइंस और सुरक्षा नियमों से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए गोवा पर्यटन मंत्रालय एवं नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।