शिव भक्तों के लिए खुशखबरी, कैलाश मानसरोवर की यात्रा हुई शुरू
श्रद्धालुओं का लंबा इंतजार खत्म हो गया है और इस साल नाथू ला दर्रे के रास्ते पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
गंगटोक, सिक्किम। शिव भक्तों और आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार शनिवार से पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो गई है। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ नाथू ला दर्रे से अपनी इस कठिन और आध्यात्मिक यात्रा पर निकल चुका है। भक्तों के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि इस वर्ष उन्हें दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। [विडियो]
तीर्थयात्रियों का जत्था
इस वर्ष कुल पांच सौ भाग्यशाली तीर्थयात्री नाथू ला मार्ग से इस भव्य और पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा में भाग ले रहे हैं। प्रशासनिक सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन सभी यात्रियों को पचास-पचास लोगों के दस अलग-अलग जत्थों में सावधानीपूर्वक विभाजित किया गया है। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी भक्त सुरक्षित और निर्बाध रूप से अपने आराध्य के दर्शन कर सकें।
हर एक जत्थे के साथ विशेष रूप से एक संपर्क अधिकारी और एक कुशल चिकित्सा सहायक की तैनाती की गई है। यह टीम पूरी यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कार्य करेगी। दुर्गम रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इन अधिकारियों की उपस्थिति यात्रियों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें हर कदम पर सुरक्षित रखने में बहुत ही ज्यादा मददगार साबित होने वाली है।
The #KailashManasarovarYatra2026, organised by the Ministry of External Affairs in coordination with the Government of the People's Republic of China, departs Indian territory on 20 June. The Embassy team warmly welcomes all pilgrims travelling to the holy Mt Kailash and sacred… pic.twitter.com/cuJmhwzVJq
— India in China (@EOIBeijing) June 19, 2026
राजदूत का संदेश
इस यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले चीन में भारत के वर्तमान राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने सभी श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। अपने इस महत्वपूर्ण संदेश में उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों का बहुत ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और उन्हें आगे के कठिन मार्ग से जुड़ी कई आवश्यक जानकारियां भी विस्तार से प्रदान कीं। यह बेहतरीन पहल सभी यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद और उनका उचित मार्गदर्शन करने वाली साबित होगी।
"विदेश मंत्रालय द्वारा चीन सरकार के साथ मिलकर आयोजित यह यात्रा भारतीय क्षेत्र से रवाना हो रही है। दूतावास की टीम सरकारी और निजी दोनों माध्यमों से पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील की यात्रा करने वाले सभी तीर्थयात्रियों का हार्दिक स्वागत करती है।" : विक्रम दोराईस्वामी, भारतीय राजदूत
आस्था और व्यवस्था
इसके अलावा राजदूत और उनकी टीम ने यात्रा मार्गों पर स्थित प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट्स का दौरा किया। उन्होंने नाथू ला और लिपुलेख दर्रा मार्ग का निरीक्षण किया ताकि लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की पूर्ण रूप से समीक्षा की जा सके और कैलाश मानसरोवर की यात्रा आसान बने। अधिकारियों के अनुसार नाथू ला से गुजरने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा किया जाएगा और उन्हें बसों से याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा। राजदूत ने ठहरने, भोजन और मुद्रा विनिमय की जानकारी भी साझा की है।
हिंदू, बौद्ध, जैन और बॉन धर्म के अनुयायियों के लिए इस स्थान का भारी महत्व है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इस पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की कामना की गई है ताकि वे एक अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त कर सकें और सुरक्षित वापस लौट सकें।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियमों, वीजा और अन्य आधिकारिक जानकारियों के लिए विदेश मंत्रालय की गाइडलाइंस को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।
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