WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
आम सूचना

बदले नियम और प्रावधान, बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना हुआ दोगुना

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा हेतु नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना राशि पहले से दोगुनी कर दी गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

नई दिल्ली, भारत। भारतीय रेलवे ने एक जुलाई से यात्रा संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने का निर्णय लिया है। लगभग तेरह साल के लंबे अंतराल के बाद रेलवे ने दंड शुल्क में संशोधन किया है। अब बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना दोगुना वसूलने की तैयारी है, जिसे पहले के 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। जनविश्वास अधिनियम के तहत लाए गए इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य अवैध यात्रा और टिकटों के दुरुपयोग पर पूर्णतः अंकुश लगाना है। [1]

कड़े हुए नियम

रेलवे बोर्ड के अनुसार, यदि कोई यात्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर आरक्षित टिकट का उपयोग करते हुए यात्रा करता है, तो उसका टिकट तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उस यात्री से पूरा किराया और 500 रुपये का दंड शुल्क वसूला जाएगा। महिला कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इन नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए सभी जोनल रेलवे को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

रेलवे द्वारा किए गए बदलावों के पीछे का मूल उद्देश्य ट्रेनों में अनुशासन बनाए रखना है। यदि कोई यात्री रेलवे परिसर या ट्रेन के भीतर नशे की हालत में हंगामा करता है, यात्रियों को परेशान करता है या अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है। इसके साथ ही ऐसे मामलों में बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना लगाने के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। परिसर में अनधिकृत रूप से फेरी लगाने या भीख मांगने जैसे कार्यों पर भी 2,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।

कानूनी प्रावधान

नए नियमों के अनुसार, प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा करना अब और अधिक महंगा साबित होगा। ऐसे मामलों में यात्रियों को 10,000 रुपये तक का जुर्माना या उससे होने वाले नुकसान की भरपाई करनी पड़ सकती है। यदि कोई यात्री जुर्माना भरने में असमर्थ रहता है, तो मामला सक्षम अदालत में भेजा जाएगा, जहां जुर्माने के साथ कारावास की सजा भी संभव है। स्टेशन या ट्रेन में अनधिकृत प्रवेश करने पर भी 500 रुपये का जुर्माना देना होगा, जिससे रेलवे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।

"जनविश्वास अधिनियम के तहत इन नियमों को लागू किया जा रहा है, ताकि यात्री सुविधाओं के साथ-साथ अनुशासन का पालन सुनिश्चित हो। जुर्माना नहीं भरने पर अदालत के माध्यम से जेल का प्रावधान भी प्रभावी रहेगा।" : रेलवे अधिकारी

सुरक्षा और व्यवस्था

नशे की हालत में हंगामा करने और यात्रियों को परेशान करने वाले व्यक्तियों के लिए रेलवे अब और अधिक सख्त हो गया है। ऐसे मामलों में 1,000 रुपये का जुर्माना या छह महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान है। वहीं गंभीर स्थितियों में 24 घंटे की जेल, 1,000 रुपये का जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा भुगतनी पड़ सकती है। प्रशासन का कहना है कि इन सख्त कदमों से यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाया जा सकेगा, जिससे बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना जैसे प्रावधान प्रभावी साबित होंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम यात्रा दिशानिर्देशों, टिकट संबंधी शर्तों और दंड प्रावधानों के विवरण के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत नोटिफिकेशन को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source