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ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई: अवैध माइनिंग मामला- करोड़ों की संपत्ति जब्त

ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई के तहत, 1,023 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करते हुए आर्थिक अपराध का पर्दाफाश किया गया है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

पणजी, गोवा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा के कथित गैर-कानूनी आयरन ओर माइनिंग मामले में शिकंजा कसते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 19 जून को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत एक प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। यह कार्रवाई सलगांवकर ग्रुप और उससे जुड़े एवीएस (AVS) ग्रुप के खिलाफ की गई है। इन समूहों पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन और उससे अर्जित अवैध संपत्तियों के गंभीर आरोप हैं, जिसके चलते यह ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई की गई है। [1]

छापेमारी का दायरा

एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में भारत के अलावा सिंगापुर की अचल संपत्तियां भी शामिल हैं। कुल 1,023.85 करोड़ रुपये की इन संपत्तियों में भारत में मौजूद 99 अचल संपत्तियां और सिंगापुर में स्थित 31 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय कंपनियों में मौजूद 93.42 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर भी अटैच किए गए हैं। ये संपत्तियां मुख्य रूप से स्वर्गीय अनिल सलगांवकर की एस्टेट और उनसे संबंधित विभिन्न कंपनियों जैसे सलगांवकर माइनिंग इंडस्ट्रीज़ के नाम पर दर्ज थीं।

खनन का खेल

मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच गोवा पुलिस सीआईडी (CID) की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि एवीएस ग्रुप ने वर्ष 2007 से 2012 के बीच दस माइनिंग लीज़ का अवैध संचालन किया। एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान आयरन ओर की गैर-कानूनी खुदाई, बिक्री और निर्यात के जरिए करीब 2,492.95 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। यह ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आलोक में नियमों के विरुद्ध की गई माइनिंग गतिविधियों के खिलाफ है।

शेल कंपनियों का जाल

एजेंसी के अनुसार, अवैध तरीके से निकाले गए आयरन ओर को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI) में स्थित शेल कंपनियों को बेहद कम कीमत पर निर्यात किया गया। ये कंपनियां मात्र कागजी मध्यस्थ के रूप में कार्य करती थीं और ओर को चीन को पुनः बेच देती थीं। इस पूरे व्यापारिक मॉडल से 2,744.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑफशोर मुनाफा कमाया गया। ईडी का दावा है कि अपराध से हुई कुल कमाई का आकलन 5,237.84 करोड़ रुपये है, जिसे विदेशों में संपत्तियां खरीदने में खपाया गया। इस प्रकार ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई ने एक बड़े आर्थिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। ईडी की ऐतिहासिक कार्रवाई मामले की कानूनी कार्यवाही एवं न्यायिक आदेशों की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक प्रवर्तन निदेशालय पोर्टल को देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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