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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चिकित्सकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बीकानेर के चिकित्सकों ने एसपी मेडिकल कॉलेज में सामूहिक योगाभ्यास किया। डॉक्टरों ने योग को चिकित्सा पद्धति का हिस्सा बनाने पर चर्चा की

By अजय त्यागी
1 min read
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026

बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। इस आयोजन में जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पिंटू नाहटा, ऋषिका व्यास एवं उनकी टीम के मार्गदर्शन में उपस्थित चिकित्सकों ने योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग की उपयोगिता को समझना और इसे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़कर देखने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था।

योगाभ्यास सत्र के दौरान डॉ. पिंटू नाहटा ने विभिन्न यौगिक मुद्राओं का प्रदर्शन किया, जिनमें अर्द्धमत्स्यासन, सर्वांगआसन, धनुरासन, शीर्षासन, पश्चिमोत्सासन, मयुरासन तथा हलासन प्रमुख थे। इन आसनों के प्रदर्शन ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से चिकित्सकों ने स्वास्थ्य के प्रति अपने दृष्टिकोण को साझा किया और चिकित्सा जगत में योग के महत्व को रेखांकित किया।

योग और चिकित्सा

विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने एक चिकित्सक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने न केवल योगाभ्यास किया, बल्कि विभिन्न चुनौतीपूर्ण योग मुद्राओं का प्रदर्शन भी किया। अपने मुख्य अतिथि संबोधन में उन्होंने योग को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ समाहित करने और मरीजों के उपचार में इसकी भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में योग को एक सहायक पद्धति के रूप में देखा जाना चाहिए।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने योग को एक प्राचीन भारतीय पद्धति बताते हुए इसे शरीर और मन के संतुलन के लिए आवश्यक माना। डॉ. सुरेंद्र कुमार ने समस्त चिकित्सक समूह से अपनी चिकित्सा पद्धति में योग को समाहित करने का आह्वान किया, ताकि इसके माध्यम से मरीजों को अतिरिक्त लाभ पहुँचाया जा सके।

विशेषज्ञों का मत

"योग एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धती है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है।" - डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्राचार्य एवं नियंत्रक, मेडिकल कॉलेज।

डॉ. महेश शर्मा ने मानव जीवन में योग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि वैश्विक स्तर पर योग पद्धति द्वारा उपचार के लिए विशेष शोध कार्य किए जा रहे हैं। डॉ. राहुल हर्ष ने कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए सभी चिकित्सक संगठनों, रेजिडेण्ट डॉक्टर्स एसोसिएशन एवं आईएमए का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य के निजी सचिव विनय गोस्वामी ने किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीज अहमद सुलेमानी, डॉ. देवेंद्र चौधरी, डॉ. अशोक सिंघल, डॉ. आरपी गुप्ता, पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया, डॉ. हरमीत, डॉ. अनंत, डॉ. विजय तुन्दवाल, डॉ. विनोद छींपा, डॉ. गुंजन सोनी, डॉ. माणक गुजरानी, डॉ. आरके काजला, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, डॉ. नीति शर्मा, डॉ. रंजन माथुर, डॉ. दिनेश चौधरी, डॉ. बीएल खजोटीया, डॉ. सुखवीर, डॉ. मोहम्मद अबरार, डॉ. सुनील हर्ष एवं डॉ. मुकेश वाल्मीक सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। योग सत्र एवं चिकित्सा संबंधी जानकारी चिकित्सकों के व्यक्तिगत परामर्श के आधार पर है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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