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भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, डीसी ऑफिस का क्लर्क रंगे हाथों गिरफ्तार

सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक क्लर्क को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।

By अजय त्यागी
1 min read
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

सोनीपत, हरियाणा। सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम को बड़ी सफलता मिली है। जिला उपायुक्त कार्यालय में तैनात क्लर्क सचेत हुड्डा को ब्यूरो की टीम ने घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला लघु सचिवालय में की गई, जहां आरोपी क्लर्क बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में रिश्वत का खेल चला रहा था। इस घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

विमल किशोर की शिकायत पर एसीबी ने जाल बिछाया था। विमल किशोर ने क्लर्क सचेत हुड्डा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी, सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैनात एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। डीसी ऑफिस के भीतर हुई इस छापेमारी से वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल देखा गया। [1]

रिश्वतखोरी का खुलासा

प्रशासनिक कार्यालय में सरेआम चल रहे इस भ्रष्टाचार ने आम नागरिकों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत पकड़े गए क्लर्क सचेत हुड्डा की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि प्रशासनिक ढांचे में सुधार की कितनी आवश्यकता है। एसीबी के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस गोरखधंधे में अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। इस तरह के मामलों ने सरकारी कार्यालयों की छवि को धूमिल किया है।

एसीबी की इस टीम ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि घटनास्थल से बरामद रिश्वत की राशि को भी साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। एसीबी के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि वे हर भ्रष्ट तत्व के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं। यह छापेमारी आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि अब भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पारदर्शिता की मांग

घटना के बाद अब जिला प्रशासन की ओर से दफ्तरों में कामकाज को और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का यह मामला न केवल एक क्लर्क की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि यह विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। जनता का मानना है कि ऐसे और भी भ्रष्ट चेहरे हो सकते हैं जिन्हें समय रहते पकड़ना जरूरी है, ताकि सरकारी तंत्र पर विश्वास फिर से कायम हो सके।

भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता विभाग को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है। सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है। विभाग के अन्य कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे, ताकि आम आदमी को अपना काम कराने के लिए किसी को रिश्वत न देनी पड़े।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रिश्वतखोरी, गिरफ्तारी एवं भ्रष्टाचार विरोधी कानूनी कार्रवाई के मामले न्यायालय के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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