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बेली ब्रिज के ढहने से आवागमन ठप: ओवरलोड डंपर बना हादसे की वजह

एक ओवरलोड डंपर के ब्रिज से गुजरने के दौरान सतलुज नदी पर बना 190 फिट लंबा बेली ब्रिज ढह गया। जिसके चलते आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। 

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg फंसे डंपर से निकलता ड्राईवर

फंसे डंपर से निकलता ड्राईवर

किन्नौर, हिमाचल प्रदेश। बेली ब्रिज के ढहने से आवागमन ठप होने की यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। उरनी ढांक में सतलुज नदी पर बना यह 190 फीट लंबा महत्वपूर्ण पुल उस समय ढहकर नदी में समा गया, जब उस पर से रेत से लदा एक ओवरलोड डंपर गुजर रहा था। डंपर के पुल पर चढ़ते ही अचानक तेज आवाज के साथ पूरा ढांचा वाहन समेत नीचे जा गिरा।  गनीमत रही कि चालक सुरक्षित बाहर निकलने में सफल हो गया। [विडियो 1]

सूचना मिलते ही पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ओवरलोड डंपर के कारण बेली ब्रिज के ढहने से आवागमन ठप होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात सामान्य बना हुआ है, जिससे शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ और सांगला घाटी की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं है। 

ओवरलोडिंग बनी मुख्य वजह

एनएचएआई भावानगर के सहायक अभियंता उमेश लारजू ने बताया कि पुल पर भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर पहले से ही प्रतिबंध था और इसके लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। प्रारंभिक जांच में ओवरलोड डंपर के कारण बेली ब्रिज के ढहने का मुख्य कारण सामने आया है। इस हादसे में सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचने का अनुमान है, जिसकी जांच संबंधित विभागों द्वारा शुरू कर दी गई है।

इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि डंपर के पुल पर पहुंचते ही संरचना कमजोर पड़ गई और कुछ ही सेकंड में पुल सतलुज नदी में समा गया। इस बारे में एनएचएआई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया:

"पुल की भार वहन क्षमता सीमित थी और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी थी। नियमों का उल्लंघन करने के चलते यह दुखद घटना घटित हुई है।"

सख्त जांच के निर्देश

ओवरलोड डंपर के कारण बेली ब्रिज के ढहने के बाद प्रशासन अब इस मामले की गहन जांच कर रहा है। यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-5 के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य कर रहा था। अब संबंधित विभाग इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि क्या भविष्य में इस मार्ग को बहाल करना संभव होगा। सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।

बेली ब्रिज के ढहने से आवागमन ठप होने के चलते स्थानीय लोगों में रोष है, क्योंकि यह मार्ग उनके दैनिक आवागमन के लिए आवश्यक था। पुलिस ने मामले में डंपर चालक और मालिक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है ताकि जवाबदेही तय की जा सके। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की ओवरलोडिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सड़क एवं पुल दुर्घटनाओं से संबंधित कानूनी जांच प्रशासनिक नियमों के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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