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पीबीएम अस्पताल की जांच में खुली अव्यवस्थाओं की पोल

पीबीएम अस्पताल की जांच में बड़ी लापरवाही मिली है। प्रमुख शासन सचिव ने गंदगी और दवाओं की स्थिति पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।

By अजय त्यागी
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़

बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पीबीएम अस्पताल की जांच में कई बड़ी खामियां खुलकर सामने आईं, जिसे देखकर प्रशासनिक अधिकारी भी दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फैली गंदगी, दवाओं के रखरखाव में लापरवाही और मरीजों को मिल रही सुविधाओं में भारी कमी पाई गई। [विडियो]

निरीक्षण के दौरान पीबीएम अस्पताल की जांच में यह पाया गया कि लेबर रूम और दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) में स्थिति बेहद चिंताजनक है। लेबर रूम में मौजूद गायनी डिपार्टमेंट के चिकित्सकों को व्यवस्थाओं में कमी को लेकर प्रमुख शासन सचिव ने जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा डीडीसी केंद्र में दवाओं पर जमी धूल और अव्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। अस्पताल परिसर में फैली बदबू के कारण माहौल मरीजों के लिए कष्टदायक था। [1]

सख्त निरीक्षण और निर्देश

अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मौके पर मौजूद चिकित्सा एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल की जिम्मेदारी है, जिसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीबीएम अस्पताल की जांच के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल साफ-सफाई दुरुस्त करने और दवा वितरण प्रणाली में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर यह सख्त रुख तब देखने को मिला है जब प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संवेदनशीलता बरती जा रही है। इस दौरान संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, जिला कलक्टर निशांत जैन, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीसी घिया सहित वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे। अधिकारियों की उपस्थिति में जिस प्रकार अव्यवस्थाएं उजागर हुई हैं, उसने स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

रिव्यू मीटिंग का महत्व

निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने चिकित्सकों के साथ एक महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग की। इस बैठक में अस्पताल की तमाम चिकित्सा प्रक्रियाओं और उपलब्ध संसाधनों पर गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पीबीएम अस्पताल की जांच के बाद उन कारणों का पता लगाना है, जिनकी वजह से बुनियादी सुविधाएं चरमरा गई हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा की गई है।

चिकित्सकों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल के हर विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। पीबीएम अस्पताल की जांच अब अधिकारियों के लिए एक बड़ा सबक बन गई है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन पर कार्य निष्पादन में सुधार लाने का भारी दबाव बढ़ गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। चिकित्सा सेवाओं एवं प्रशासनिक निरीक्षण से सम्बंधित तथ्य आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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