महेश नवमी का भव्य पर्व, आस्था से सराबोर रहा सारा शहर
भीलवाड़ा में महेश नवमी का भव्य पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता और महिला बैंड रहा विशेष आकर्षण का केंद्र।
महेश नवमी का भव्य पर्व
भीलवाड़ा, राजस्थान। भीलवाड़ा शहर में मंगलवार को महेश नवमी का भव्य पर्व बड़े ही उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसने पूरे शहर को शिवमय बना दिया। माहेश्वरी समाज के आराध्य देव भगवान महेश की जयंती के इस पावन अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने नगरवासियों का मन मोह लिया। संयोजक अतुल राठी, नगर अध्यक्ष केदार जागेटिया एवं कार्यवाहक अध्यक्ष केदार गगरानी ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे प्रारंभ हुई इस यात्रा में समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों और जयकारों के साथ पूरे मार्ग में भक्ति का वातावरण निर्मित करते रहे। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान महेश की सुसज्जित एवं मनोहारी झांकी रही, जिसे देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के प्रमुख मार्गों को भगवा पताकाओं, रंगीन रोशनी और आकर्षक सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। यात्रा मार्ग पर स्थापित लगभग 90 स्वागत द्वारों ने इस महेश नवमी का भव्य पर्व की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया।
धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
नगर सचिव सुरेश बिरला, सह संयोजक केजी राठी एवं अर्चित मून्द्रडा के अनुसार इस वर्ष महेश नवमी का भव्य पर्व पर प्रातःकाल से ही धार्मिक कार्यक्रमों का दौर प्रारंभ हो गया था। जिला एवं नगर माहेश्वरी युवा संगठन के तत्वावधान में शहर के 15 विभिन्न स्थानों पर भगवान महेश के सामूहिक अभिषेक एवं महाआरती का आयोजन किया गया। युवा संगठन मंत्री सीए अंकित लखोटिया ने बताया कि मुख्य प्रभारी सुनीत जागेटिया व पूर्व पार्षद केदार जागेटिया के सानिध्य में मुख्य अभिषेक बालाजी मार्केट स्थित श्री बालाजी मंदिर में किया गया।
साथ ही पुर के डूंगरी के बालाजी, पुराना शहर पंचमुखी महादेव, संजय कॉलोनी, बापूनगर, आजादनगर, शास्त्रीनगर, भोपालगंज, सुभाषनगर, तिलकनगर तथा अन्य प्रमुख मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान महेश का पूजन-अर्चन कर समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन चले इन धार्मिक आयोजनों ने भीलवाड़ा को उत्सवमय बना दिया है। माहेश्वरी समाज का यह महेश नवमी का भव्य पर्व एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा है।
महिला बैंड की अनूठी पहल
मीडिया प्रभारी पंकज पोरवाल ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि इस शोभायात्रा में 20 महिला सदस्यों का महिला बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिन्होंने सुर और ताल की कमान खुद संभाली। एक समान वेशभूषा में सजे महिला बैंड ने पारंपरिक एवं धार्मिक धुनों पर बैंड वादन कर शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए। ढोल, ताशे, ट्रम्पेट एवं अन्य वाद्य यंत्रों की ताल पर महिलाओं की शानदार प्रस्तुति को देखने के लिए मार्गों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई इस अनूठी पहल की सराहना करता नजर आया।
समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि महिला बैंड की भागीदारी समाज में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक योगदान का स्पष्ट प्रतीक है। महिलाओं ने जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दी, वह यादगार बन गई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर महिला बैंड का उत्साहवर्धन किया। शोभायात्रा में पुरुष सफेद पोशाक और महिलाएं पीली साड़ी पहनकर शामिल हुईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यह महेश नवमी का भव्य पर्व इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।
भव्य स्वागत और महासंगम
मुख्य प्रभारी सुभाष बाहेती ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा पुष्प वर्षा कर समाजजनों का भव्य स्वागत किया गया। अजमेर से मंगाए गए बड़े ड्रोन के माध्यम से चौराहों पर गुलाब की पत्तियों से पुष्प वर्षा की गई। मीडिया प्रभारी पंकज पोरवाल ने बताया कि इस शोभायात्रा में अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के पूर्व सभापति रामपाल सोनी, प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम चेचानी सहित कई पदाधिकारी आगे चल रहे थे। समाजजनों के उत्साह ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
हरनी महादेव रोड स्थित रामेश्वरम भवन में देर रात 18 हजार स्वजनों के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें 22 काउंटर लगाकर व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस प्रकार भीलवाड़ा में संपन्न हुआ यह महेश नवमी का भव्य पर्व समाज सेवा, आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक आस्था का एक सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ। आने वाले वर्षों के लिए यह आयोजन निश्चित रूप से एक प्रेरणा बना रहेगा, जो समाज को और अधिक संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह आयोजन माहेश्वरी समाज की धार्मिक परंपराओं पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।