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प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा: जोधपुर में अस्पतालों का  निरीक्षण

जोधपुर में प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा हेतु शासन सचिव ने अस्पतालों का निरीक्षण किया। मरीजों के उपचार प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg गायत्री राठोड़ ने किया निरिक्षण

गायत्री राठोड़ ने किया निरिक्षण

जोधपुर, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सोमवार देर रात्रि जोधपुर पहुंचीं। उन्होंने प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा के अंतर्गत भर्ती प्रसूताओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की गहन जानकारी ली। उन्होंने सर्वप्रथम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर पहुंचकर वहां भर्ती दोनों प्रसूताओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की प्रगति को बारीकी से परखा। शासन सचिव ने चिकित्सकों के साथ उपचार प्रबंधन एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत चर्चा की। [विडियो 1]

एम्स के निरीक्षण के उपरांत गायत्री राठौड़ पावटा जिला अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने भर्ती छह प्रसूताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की फाइलों का अवलोकन कर प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, चल रही जांचों एवं चिकित्सकीय प्रबंधन की गहन समीक्षा की। प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सख्त निर्देश और मॉनिटरिंग

प्रमुख शासन सचिव ने उपचाररत चिकित्सकों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी भर्ती मरीजों की चौबीसों घंटे समुचित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज की स्थिति पर सतत निगरानी रखना अनिवार्य है ताकि उपचार की गुणवत्ता बनी रहे। प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा के तहत उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि स्वास्थ्य विभाग का तंत्र पूरी तरह से सक्रिय रहे। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन और डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने भर्ती प्रसूताओं के परिजनों से भी मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता के साथ निगरानी कर रही है और मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन ने अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे उपचार संबंधी प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आमजन का भरोसा कायम रह सके।

सुधारात्मक कदम और योजना

प्रमुख शासन सचिव मंगलवार प्रातः संबंधित अधिकारियों के साथ प्रकरण की विस्तृत समीक्षा करेंगी। इस बैठक में उपचार, चिकित्सा प्रबंधन, जांच की प्रगति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा कर दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे। प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा का मूल उद्देश्य भविष्य के लिए एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने दोहराया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा अत्यंत अनिवार्य है। प्रशासन का यह कदम जोधपुर की चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम निर्णय है।

अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर होने वाली चूक पर कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी। शासन सचिव की उपस्थिति और उनके द्वारा की गई प्रसूता चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए प्रेरित किया है। प्रशासन का यह प्रयास स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का प्रमाण है, जो भविष्य में मरीजों को सुरक्षित उपचार दिलाने में मददगार साबित होगा।

"मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।" - गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग।

प्रशासनिक प्रतिबद्धता

निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने शासन सचिव को व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इस समीक्षा का संदेश स्पष्ट है कि चिकित्सा सेवाओं में उच्च मानक बनाए रखना अनिवार्य है। आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपचार कार्यों की निरंतर निगरानी की जाएगी। जोधपुर प्रशासन की यह प्रतिबद्धता सुनिश्चित करती है कि जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए वे हर संभव सुधार के लिए तत्पर हैं।

अंत में, शासन सचिव ने अस्पताल स्टाफ से मरीजों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने का आह्वान किया। यह निरीक्षण चिकित्सा जगत में जवाबदेही और सुधार की एक नई संस्कृति को बढ़ावा देने वाला सिद्ध होगा। मरीजों और उनके परिजनों ने प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। भविष्य में भी अस्पताल परिसरों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह के सघन निरीक्षण अभियान जारी रहने की प्रबल संभावना है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या व्यवस्थागत त्रुटि के विरुद्ध प्रशासनिक जांच एवं प्रक्रिया जारी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief