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राम मंदिर चढ़ावे का मामला: जांच के बीच ट्रस्टियों के इस्तीफे

राम मंदिर चढ़ावे का मामला सामने आने पर ट्रस्ट के प्रमुखों ने पद छोड़े। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच तेज कर दी है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। राम मंदिर चढ़ावे का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने और किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त करने के लिए लिया गया है। इस घटनाक्रम ने मंदिर की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच तेज कर दी है। [1]

ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा और अधिक कस गया है। पुलिस ने नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर साजिश और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को एफआईआर में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, राम मंदिर चढ़ावे का मामला आने वाले समय में जांच की एक नई दिशा तय करेगा ताकि पूरी सच्चाई जनता के सामने आ सके। पुलिस अब साक्ष्यों के गहन मिलान में जुटी है।

पारदर्शी जांच प्रक्रिया

ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें वर्तमान स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। इस बीच, विपक्षी दलों ने एफआईआर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल न होने को लेकर चिंता व्यक्त की है। पुलिस का कहना है कि वे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ा रहे हैं और इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

आरोपी और कानूनी कदम

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। इसमें चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव सहित कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। <समाचार एजेंसी> की एक रिपोर्ट के अनुसार, सभी पर साजिश के तहत चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया है।

इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जांच अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह राम मंदिर चढ़ावे का मामला अब मंदिर प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े इस मामले में जांच अभी जारी है और कानूनी कार्यवाही चल रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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