मुहर्रम पर अकीदत के साथ निकाला गया ताजियों का जुलूस
मुहर्रम के मौके पर गमगीन माहौल में ढोल ताशों की मातमी धुनों के साथ करीब 300 ताजियों का जुलूस निकला, जिन्हें देर रात तक कर्बला में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
ताजियों का जुलूस
जयपुर, राजस्थान। इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद के दोहिते हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के मौके पर शुक्रवार को राजधानी जयपुर सहित प्रदेश भर में गमगीन माहौल और ढोल ताशों की मातमी धुनों के बीच ताजियों का जुलूस निकला गया। राजधानी जयपुर में ढोल ताशों की मातमी धुनों के बीच करीब अलग-अलग इलाकों से छोटे-बड़े 300 ताजिये निकाले गए हैं, जिन्हें राजधानी जयपुर के रामगढ़ मोड़ स्थित कर्बला मैदान में देर रात तक सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। कर्बला मैदान में जयपुर के ताजियों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। [1]
राजधानी जयपुर में ताजियों का जुलूस गर्मी को देखते हुए शाम 4 बजे से अलग-अलग इलाकों से निकलने शुरू हुए थे। ताजियों का जुलूस चांदपोल बाजार, छोटी बड़ी चौपड़, रामगंज, जोरावर सिंह गेट होते हुए जल महल के पास कर्बला मैदान जाएगा। शाम 7:30 बजे कई ताजिये बड़ी चौपड़ तक पहुंचे। हालांकि, ताजिये देर रात तक कर्बला मैदान पहुंचेंगे। जुलूस में लगातार या हुसैन के नारे लगे। वहीं, ताजियों के जुलूस के चलते राजधानी जयपुर में पुलिस के भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से पुख्ता बंदोबस्त रहे।
ताजियों का जुलूस
पुलिस कमिश्नरेट ने करीब 3000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था जो मोहर्रम के जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर भी ड्रोन कैमरे की सहायता से निगरानी रखी जा रही थी। राजधानी जयपुर में मोहर्रम के जुलूस के चलते परकोटे में यातायात को पूरी तरीके से बंद रखा गया तो वहीं बाहरी इलाकों में यातायात को डायवर्ट किया गया। चांदपोल बाजार, छोटी बड़ी चौपड़, रामगंज, जोहरी बाजार, किशनपोल बाजार, घाट गेट, जोरावर सिंह गेट और पुराने दिल्ली रोड पर यातायात को पूरी तरह बंद रखा गया था।
एमआई रोड और अन्य दूसरे इलाकों में यातायात को डायवर्ट किया गया था। हालांकि, यातायात बंद होने से वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह जाम की स्थिति भी देखने को मिली। मोहर्रम के मौके पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मुस्लिम समाज ने अपने-अपने घरों में विशेष पकवान बनाए थे, जिन्हें गरीबों और जरूरतमंद लोगों में वितरित किया गया। वहीं, मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा इस अवसर पर विशेष इबादत भी की गई थी।
आकर्षण का केंद्र
चांदपोल स्थित मोहल्ला तवायफ, मोहल्ला कुरेशियान, पन्नीगरान और जालूपुरा के ताजिये आकर्षण का केंद्र रहे। तकरीबन 20 से 25 फीट की ऊंचाई के बने ताजिये दूर से ही लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। मुस्लिम समाज की ओर से मोहर्रम के जुलूस के रास्ते में अलग-अलग स्थान पर ठंडा पानी और शरबत की छबील लगाई गई थी। राहगीरो और जुलूस में चल रहे लोगों को शरबत वितरित किया गया। मोहर्रम के इस अवसर पर पूरे शहर में सुरक्षा बल तैनात रहे।
जयपुर में मोहर्रम के मौके पर निकाले गए ताजियों के जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो सके। परकोटे वाले क्षेत्रों में यातायात पाबंदियों के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। विभिन्न क्षेत्रों से आए ताजियों के दीदार के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी रही और देर रात तक अकीदतमंद कर्बला मैदान की तरफ बढ़ते रहे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जयपुर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती की थी। सभी प्रमुख चौराहों और जुलूस के रास्तों पर पुलिस के जवान तैनात रहे जिन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय समितियों ने भी जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग दिया। विभिन्न अखाड़ों के लोग मातमी धुनों पर पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन करते हुए जुलूस में आगे बढ़ रहे थे।
देर रात तक कर्बला मैदान में ताजियों को सुपुर्द ए खाक करने की प्रक्रिया चलती रही जिससे वहां लोगों की भारी आवाजाही बनी रही। पूरे आयोजन के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और शांति का माहौल देखने को मिला। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों के उत्साह और अकीदत में कोई कमी नहीं आई और छबीलों पर पानी और शरबत पीने के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं। प्रशासन और जनता के सहयोग से मोहर्रम का यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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