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खाद की कालाबाजारी रोकने हेतु उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान

खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और जमाखोरी रोकने हेतु जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg कृषि केन्द्रों का निरिक्षण

कृषि केन्द्रों का निरिक्षण

धमतरी, छत्तीसगढ़। खरीफ के सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और जमाखोरी-कालाबाजारी पर रोक लगाने की कोशिश में कृषि विभाग है। खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगे इसके लिए कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रय केंद्रों पर छापामार कार्रवाई शुरू की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और संचालक कृषि राहुल देव के निर्देश पर अधिकारियों ने धमतरी और कुरूद विकासखंड के कई खाद विक्रय केंद्रों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आगामी दिनों में बड़े पैमाने पर उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। [1]

जांच के दौरान यादव खाद भंडार, दानीटोला और रूपाली कृषि केन्द्र, रामबाग में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही दोनों दुकानों पर मूल्य सूची और स्टॉक सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी जिसके बाद सभी को नोटिस जारी किया गया। लेकिन सभी दुकान संचालकों ने जारी कारण बताओ नोटिस का भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए। इसके साथ ही कई अन्य केंद्रों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है।

कृषि विभाग छापा

वहीं कुणाल कृषि केन्द्र, कोलियारी, सूरज कृषि केन्द्र, कोलियारी और सांई कृपा कृषि केन्द्र, दानीटोला में भी निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान के तहत लगातार क्षेत्रों में भ्रमण करें और जहां भी गड़बड़ी पाई जाए वहां तुरंत सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाएं।

"खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. किसान अफवाह में पड़कर खाद के लिए परेशान नहीं हों. खाद की कालाबाजारी करने वालों को हमारी सख्त चेतावनी है. हमारी ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी" — अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर

कलेक्टर ने कहा कि खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और नियमों के उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि खरीफ सीजन के दौरान हर किसान को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हो तथा किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी पैदा न होने दी जाए।

विशेष सतर्कता अभियान

कृषि विभाग ने बताया कि एक जुलाई से इकतीस अगस्त तक जिलेभर में विशेष उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, अधिक कीमत पर बिक्री और बिना पीओएस मशीन के खाद वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहकर औचक निरीक्षण करेंगी ताकि विक्रेता निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करें।

प्रशासन ने कहा जिले में फिलहाल उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अब तक किसानों को सोलह हजार नौ सौ सतावन दशमलव तीन चार मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें।

पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

इस प्रकार जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है कि खरीफ सीजन में किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े। किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और हर गड़बड़ी पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान के माध्यम से पूरी वितरण प्रणाली को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस अभियान को पूरी गंभीरता से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। कृषि संबंधी योजनाओं और खाद की कीमतों के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और अधिकृत केंद्रों से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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