नेत्रदान जनजागरण अभियान: सरजू देवी के नेत्रों से रोशन होंगी 2 ज़िंदगी
भारत विकास परिषद् की वीर शिवाजी शाखा द्वारा चलाए जा रहे नेत्रदान जनजागरण अभियान के तहत एक प्रेरक उपलब्धि हासिल की गई है।
नेत्रदान जनजागरण अभियान
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा के विशेष सहयोग से स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी जागेटिया के निधन उपरांत उनके परिजनों की पूर्ण सहमति से सफलतापूर्वक नेत्रदान कराया गया। लायंस हॉस्पिटल की टीम के राकेश पगारिया एवं नेत्र चिकित्सा सहायक चेतन भट्ट ने इस पूरी चिकित्सा प्रक्रिया को गरिमा के साथ सम्पन्न कराया। शाखा अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि वीर शिवाजी शाखा ने मात्र तीन महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में यह दसवां नेत्रदान सम्पन्न कराकर सेवा के क्षेत्र में एक बहुत ही प्रेरणादायी और अनूठी उपलब्धि हासिल की है। इस तरह नेत्रदान जनजागरण अभियान समाज के लिए मार्गदर्शक बन रहा है।
परिजनों ने दुख की इस घड़ी में नेत्रदान का अत्यंत सराहनीय निर्णय लेकर दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी प्रदान करने का महान कार्य किया है। स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी जागेटिया अपने पीछे पुत्र अशोक, गिरिराज, श्रवण, महेश, बनवारी एवं रामकिशोर जागेटिया तथा पुत्रियाँ कैलाश, मंजू एवं कौशल्या सहित अपना पूरा भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। शाखा के सह-सचिव हरीश अग्रवाल के विशेष प्रयासों और निरंतर समन्वय के कारण ही दुखद समय में यह पवित्र नेत्रदान का कार्य समय पर सुगमता से सम्पन्न हो सका।
जागरूकता का प्रयास
संस्था द्वारा समाज में अंधता को दूर करने के लिए प्रतिदिन नेत्रदान जनजागरण अभियान सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत श्रीमती पायल अग्रवाल एवं श्रीमती खुशबू अग्रवाल द्वारा रमन अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में विशेष जनजागरण संदेश तैयार कर समाज के विभिन्न वर्गों में निरंतर प्रसारित किए जाते हैं। इस प्रेरक अवसर पर प्रांतीय प्रभारी महेश जाजू, शिवाजी शाखा के संस्थापक अध्यक्ष सुमित जागेटिया, सह-सचिव हरीश अग्रवाल, अमित पटवारी, राजेश अग्रवाल, ओमप्रकाश जागेटिया, मुकेश चेचाणी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
नेत्रदान के पावन समय पर नगर परिषद् की पूर्व सभापति श्रीमती मंजू चेचाणी सहित जागेटिया परिवार के तमाम सदस्य दिवंगत आत्मा को नमन करने के लिए वहां मौजूद थे। वीर शिवाजी शाखा के संस्थापक अध्यक्ष सुमित जागेटिया ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के इस साहसिक निर्णय की भूरि-भूरि सराहना की। उन्होंने कहा कि नेत्रदान वास्तव में एक महादान है, जिससे किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के अंधकारमय जीवन में पुनः नया उजाला लाया जा सकता है। यह पुनीत कार्य समाज में बदलाव की एक बड़ी बयार ला रहा है।
भविष्य की योजना
नेत्रदान एक ऐसा अनूठा महादान है, जो मृत्यु के बाद भी इंसान की यादों को दुनिया में हमेशा के लिए अमर बना देता है। शाखा अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना ने दृढ़ता से कहा कि भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा का यह पवित्र नेत्रदान जनजागरण अभियान आगे भी भविष्य में निरंतर जारी रहेगा। इस सामाजिक अभियान के माध्यम से समाज के अधिक से अधिक लोगों को मृत्यु उपरांत इस महान कार्य के लिए संकल्पबद्ध होने हेतु पूरी सक्रियता के साथ प्रेरित किया जाएगा।
इस पुनीत कार्य में जुटे सभी कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से समाज में नेत्रदान जनजागरण अभियान को लेकर भ्रांतियां दूर होंगी और लोग खुद आगे आकर घोषणा पत्र भरेंगे। तीन महीने में दस नेत्रदान होना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जनता में अब इस सेवा कार्य के प्रति चेतना जाग्रत हो रही है। इस तरह के आयोजनों से न केवल पीड़ित मानवता को संबल मिलता है बल्कि भावी पीढ़ी को भी निस्वार्थ भाव से सेवा करने की एक उत्कृष्ट प्रेरणा मिलती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। नेत्रदान जैसे संवेदनशील और स्वैच्छिक मामलों में पाठकों को स्थानीय स्वास्थ्य विभागों और अधिकृत चिकित्सा संस्थाओं द्वारा जारी नियमों तथा प्रक्रियाओं की सही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।