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पुलिस दस्तावेजों में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की नई पहल

पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने बेअदबी के मामलों की जांच के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए नए दिशानिर्देश और शब्दावली जारी की है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg गुरु तेग बहादुर की हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी

गुरु तेग बहादुर की हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी

चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी पीबीआई ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान पुलिस के उपयोग के लिए नए दिशानिर्देश और धार्मिक शब्दावली जारी की है। पीबीआई निदेशक एलके यादव ने सभी पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर जांच के दौरान उपयोग किए जाने वाले 52 विशिष्ट धार्मिक शब्दों और भाषा के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए हैं ताकि कानूनी प्रक्रियाओं के संचालन के समय हर स्तर पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। [1]

निदेशक एलके यादव ने पत्र में कहा कि ये नए दिशानिर्देश 16 जून के परिपत्र के पूरक के रूप में तैयार किए गए हैं ताकि बेअदबी के मामलों की जांच पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए की जा सके। अब इसी परिपत्र को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आदरसूचक शब्दावली की एक संशोधित सूची जारी की गई है जिसे तुरंत लागू करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के बाद अब पंजाब पुलिस के सभी संबंधित अधिकारियों को कानूनी दस्तावेजों में इन्हीं निर्धारित शब्दों का चयन करना होगा।

नया बदलाव

ताजा संचार में स्पष्ट किया गया है कि मामले की डायरी, जांच रिपोर्ट, पंचनामा और जांच के दौरान तैयार किए जाने वाले अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की आहत करने वाली भाषा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों को केवल तटस्थ, तथ्य आधारित और आदरसूचक शब्दों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया के कारण कोई विवाद या तनाव पैदा न हो। इस पहल से कानूनी दस्तावेजों की शुचिता भी बनी रहेगी और आम जनता के बीच किसी तरह का असंतोष भी नहीं फैलेगा।

पत्र में आगे जोड़ा गया है कि जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पवित्र प्रतीकों का संरक्षण, जब्ती या अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से सिख रहत मर्यादा के अनुसार हो। कोई भी खोजी कार्रवाई ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे पवित्र प्रतीकों के प्रति और अधिक अनादर या बेअदबी हो। इन संवेदनशील मामलों को सुलझाते समय मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है। इसके लिए मैदानी स्तर पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित और जागरूक किया जा रहा है।

सम्मानित शब्द

पीबीआई की इस नई सूची में परिभाषाओं के साथ 52 सम्मानजनक धार्मिक शब्द शामिल हैं जैसे 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी', 'पावन सरूप', 'हुकमनामा' और 'लंगर'। इन सभी शब्दों को अब जांच दस्तावेजों में मानकीकृत किया जाएगा ताकि भाषा को लेकर कोई विसंगति न रहे। इस आदेश के बाद पंजाब के सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों ने अपने अधीन काम करने वाले जांच अधिकारियों को इस सूची के महत्व से अवगत कराना शुरू कर दिया है।

यह निर्देश पंजाब के सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों को भेजा गया है जिसमें उन्हें अधिकारियों को सूचित करने और हर बेअदबी मामले की जांच में अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन संवेदनशील मामलों में सही शब्दों का चयन कानूनी प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा करने में मददगार साबित होगा। इस तरह सरकारी दस्तावेजों में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार के तौर पर देखा जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी प्रकार की कानूनी नियमावली और प्रशासनिक परिवर्तनों के सटीक विवरण के लिए हमेशा संबंधित विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों और अधिसूचनाओं का अवलोकन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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