WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: मरुधरा के वीरों का स्वर्णिम शंखनाद

अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल भावना को आत्मसात करते हुए मरुधरा के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप

राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप

हैदराबाद, तेलंगाना। गाचीबोवली स्टेडियम में आयोजित 48वीं पुरुष एवं महिला जूनियर तथा 27वीं लड़के एवं लड़कियों की सब जूनियर राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में राजस्थान टीम की ओर से खेलते हुए मरुभूमि बीकानेर के चिरागों ने अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किया है। इस भव्य राष्ट्रीय महाकुंभ में बीकानेर के होनहारों ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और फौलादी बाहुबल के दम पर दो शानदार स्वर्ण पदक जीतकर समूचे देश में राजस्थान का मस्तक गौरव से ऊंचा कर दिया है। [1]

इस गौरवशाली प्रतियोगिता के महिला वर्ग में ममता ने 57 किलोग्राम बॉडी वेट कैटेगरी में अपने असाधारण बाहुबल और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए स्वर्णिम पदक पर संप्रभुता स्थापित की। उनकी इस ऐतिहासिक और युगांतरकारी सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शक और कुशल खेल प्रशिक्षक अविनाश व्यास का अनवरत परिश्रम एवं तकनीकी मार्गदर्शन रहा है। गुरु-शिष्य की इस अद्भुत जोड़ी ने राष्ट्रीय पटल पर राजस्थान के खेल कौशल का परचम लहराकर नई पीढ़ी को प्रेरित किया है।

शौर्य का प्रदर्शन

पुरुष वर्ग की हैवीवेट स्पर्धा में बीकानेर के ही 'प्रिंस जिम' के विख्यात और जांबाज पावरलिफ्टर श्रीकांत बिस्सा ने 120 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी प्रचंड ऊर्जा का प्रदर्शन किया। उन्होंने लौह जैसी मजबूत कलाईयों और अटूट एकाग्रता से विरोधियों को पूरी तरह पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। श्रीकांत बिस्सा की इस जादुई और स्वर्णिम सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि मरुधरा की माटी आज भी अद्वितीय और पराक्रमी वीरों को जन्म देती है।

इस संपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान राजस्थान की टीम का कुशल और यशस्वी नेतृत्व दल के मुख्य प्रशिक्षक हंस राज किराडू ने किया। किराडू वर्तमान में सिंथल उपडाकघर में पोस्ट मास्टर के सम्मानित पद पर देश सेवा में कार्यरत हैं। अपने राजकीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के साथ-साथ युवा खेल प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप जैसे शीर्ष मंच पर स्वर्ण पदक तक पहुँचाना उनका राष्ट्र के प्रति अप्रतिम समर्पण दिखाता है।

साधना और सिद्धि

राजकीय सेवा के व्यस्ततम क्षणों से समय निकालकर बीकानेर के इन होनहारों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देना और उन्हें पदक तालिका में शीर्ष पर स्थापित करना एक युगद्रष्टा की भांति अनुकरणीय है। उनके इस भगीरथ प्रयास के कारण ही राज्य के जांबाज खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ने में पूर्णतः सफल रहे हैं। इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में इन जांबाज खिलाड़ियों के स्वर्णिम प्रदर्शन ने भविष्य के युवाओं के लिए सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

इस महाविजयी खेल अभियान की पूर्णता के बाद संपूर्ण राज्य में विजेता खिलाड़ियों और उनके मार्गदर्शकों को बधाई देने का तांता लगा हुआ है। खेल जगत के दिग्गजों का मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक और गौरवशाली आयोजनों से ही जमीनी स्तर की सुप्त खेल प्रतिभाओं को राष्ट्र सेवा का वास्तविक अवसर मिलता है। इस अद्भुत राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप ने देश को ऐसे पराक्रमी योद्धा दिए हैं जो आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी तिरंगे की आन-बान और शान को अक्षुण्ण रखेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। खेल जगत की आधिकारिक घोषणाओं, सटीक पदक तालिकाओं तथा आगामी खेल स्पर्धाओं के विस्तृत विवरण हेतु सदैव संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source