WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

असम में बाढ़ का संकट बढ़ने से छह जिलों के हजारों लोग प्रभावित

असम में बाढ़ का संकट गहराने से छह जिलों के बाईस हजार से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं और कई क्षेत्रों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg असम में बाढ़ का संकट

असम में बाढ़ का संकट

धेमाजी, असम। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा के कारण असम में बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ की इस पहली लहर ने राज्य के छह जिलों में कुल 22,124 लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात करके इस बिगड़ती स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है। [1]

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहाँ 15,483 लोग बढ़ते जलस्तर के कारण संकट का सामना कर रहे हैं। इस बाढ़ के कारण 96 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत कार्य

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी दी। गृह मंत्री अमित शाह ने असम में बाढ़ का संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य को हरसंभव सहायता देने का पूरा आश्वासन दिया है। इसके साथ ही विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा आवश्यक सामग्रियां पहुंचाई जा रही हैं।

"मैं माननीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन करने और धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछताछ करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैंने उन्हें वर्तमान में चल रहे राहत और पुनर्वास उपायों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने हमें इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार से हरसंभव सहयोग और सहायता का आश्वासन भी दिया है।" — हिमंत बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री

यातायात ठप

भारी वर्षा और नदी तट के कटाव के कारण धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना एक रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया है जिससे ट्रेन सेवाएं बाधित हुई हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बताया कि 110 मिमी से अधिक बारिश के बाद आई बाढ़ और कटाव के कारण आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है।

लगातार हो रही बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी कई सहायक नदियां उफान पर हैं जिससे असम में बाढ़ का संकट और विकराल होता जा रहा है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शिवसागर जिले के नांगलामुराघाट में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस प्राकृतिक आपदा ने पशुधन को भी प्रभावित किया है, जिससे विभिन्न जिलों में लगभग 48,200 जानवर प्रभावित हुए हैं।

भूस्खलन का असर

पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में सिजी-मागी ब्लॉक पॉइंट पर भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से सिजी नदी का प्रवाह पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस नदी को असम के निचले इलाकों में गेई नदी के नाम से जाना जाता है। भूस्खलन के मलबे से वहाँ एक अस्थायी प्राकृतिक बांध और कृत्रिम झील बन गई है जिससे निचले इलाकों पर खतरा बढ़ गया है।

इस कृत्रिम झील के अचानक टूटने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने असम के निचले इलाकों के लिए अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच असम में बाढ़ का संकट और गहराने की आशंका से निपटने के लिए राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासी स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों और सावधानियों का कड़ाई से पालन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source