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जिला मुख्यालय पर ग्रामीणों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

NGT के निर्देशों की अवहेलना से नाराज ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है जिसके चलते प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

कोटपूतली, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों की पालना नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने जोधपुरा संघर्ष समिति के बैनर तले जिला मुख्यालय पर एक बड़ा महापड़ाव शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण नगरपरिषद पार्क में एकत्रित हुए जहां से उन्होंने सामूहिक रूप से रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपना अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। संघर्ष समिति ने गंभीर आरोप लगाया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट द्वारा एनजीटी के निर्देशों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि आबादी क्षेत्र के निकट भारी ब्लास्टिंग, अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण और धूल प्रदूषण की गंभीर समस्या अब भी बनी हुई है जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मांग को लेकर समिति का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 1295वें दिन में प्रवेश कर गया है। समिति के संरक्षक प्रभुदयाल गुरुजी ने बताया कि एनजीटी ने तीन नवम्बर 2025 को जारी आदेशों में विभिन्न निर्देशों की पालना के लिए तीन माह का समय दिया था।

प्रशासनिक विफलता

करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी अदालत के आदेशों की पूर्ण पालना नहीं हुई है जिसे ग्रामीणों ने एक बड़ी प्रशासनिक विफलता बताया है। ग्रामीणों का कहना था कि आबादी से 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग नहीं करने संबंधी आदेशों के उल्लंघन को लेकर सहायक खनन अभियंता द्वारा जिला कलेक्टर को बाकायदा रिपोर्ट भी भेजी गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई जिससे संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और उग्र हो गया।

समिति ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान समय में भी स्थानीय स्कूल, मंदिर और घनी आबादी से महज 250 से 300 मीटर की दूरी पर नियमों को ताक पर रखकर ब्लास्टिंग की जा रही है। ग्रामीणों ने रात्रिकालीन ध्वनि प्रदूषण, तेज हाई-मास्ट लाइटों की समस्या तथा क्रेशर संचालन से लगातार उड़ने वाली धूल को लेकर भी अपनी भारी नाराजगी जताई है। उनका कहना था कि रात के समय होने वाले इस शोर और प्रदूषण से लोगों की पूरी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

गांधीवादी आंदोलन

संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव ने बताया कि प्रशासन को इस महापड़ाव के दौरान मेडिकल टीम, शुद्ध पेयजल, शौचालय, छाया और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई थी ताकि अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल सके। उन्होंने साफ कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से गांधीवादी और अहिंसात्मक तरीके से संचालित किया गया है तथा इसके लिए क्षेत्र के सभी प्रमुख सामाजिक, राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों से विशेष सहयोग की अपील की गई है।

इस बड़े महापड़ाव में कैलाश यादव, सतपाल यादव, राधेश्याम यादव, लीलाराम यादव, धर्मपाल योगी, प्रभु दयाल गुरुजी, हरिराम यादव सहित सभी स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इस महापड़ाव को सफल बनाने में अपना अहम योगदान दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते तब तक कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन इसी तरह लगातार जारी रहेगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण, ब्लास्टिंग नियमों या एनजीटी के आदेशों की आधिकारिक स्थिति जानने के लिए हमेशा संबंधित न्यायालय अथवा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमाणित दस्तावेजों की ही पुष्टि करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief