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प्रादेशिक

लगातार बढ़ते जलस्तर से असम में बाढ़ का संकट हुआ और अधिक गंभीर

लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण असम में बाढ़ का संकट बेहद गहरा गया है और क्षेत्र की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
असम में बाढ़ का संकट

असम में बाढ़ का संकट

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धुबरी, असम। असम के धुबरी जिले में मानसून की भारी बारिश के बाद असम में बाढ़ का संकट और अधिक गंभीर हो गया है। स्थानीय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण स्थिति अत्यधिक चिंताजनक हो चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के कारण प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। [विडियो]

नदियां उफान पर

जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार नदियों की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गौरांग, टिपकई, चंपाबती और गंगाधर सहित क्षेत्र की कई प्रमुख नदियां इस समय खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। इन नदियों के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्तीय क्षेत्रों में लगातार कटाव हो रहा है। इस स्थिति ने प्रशासन के लिए राहत और बचाव कार्यों की चुनौती को और अधिक बढ़ा दिया है।

नदियों के इस रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभिन्न संवेदनशील जगहों पर राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि बेघर हुए लोगों को तुरंत आश्रय प्रदान किया जा सके। इस विकराल असम में बाढ़ का संकट के बीच स्थानीय स्वयंसेवक भी प्रभावित लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचाने में जिला प्रशासन की लगातार मदद कर रहे हैं।

अलर्ट जारी

सुरक्षा के लिहाज से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी के किनारों पर बसे गांवों और सभी निचले इलाकों के लिए एक विशेष अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सख्त हिदायत दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। असम में बाढ़ का संकट बढ़ने के कारण मछुआरों और नाविकों को भी अगले निर्देश तक नदियों में न जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम पूरी स्थिति की पल-पल की निगरानी कर रही है और नियंत्रण कक्ष से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है। इस बड़े असम में बाढ़ का संकट से उत्पन्न परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए सरकार द्वारा हर संभव सहायता और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief