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यूक्रेन युद्ध के बीच गुपचुप हुआ चीन का सैन्य प्रशिक्षण

क्या रूस और चीन का सैन्य प्रशिक्षण यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक महाशक्तियों के बीच एक नए और बेहद खतरनाक गुप्त सैन्य गठन की शुरुआत है?

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

बीजिंग, चीन। रूस और चीन के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल रूसी सेना के लिए आयोजित चीन का सैन्य प्रशिक्षण सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रक्षा मंत्री द्वारा स्वीकृत था। यूरोपीय अधिकारियों और खुफिया दस्तावेजों के हवाले से यह दावा किया गया है कि इस बेहद संवेदनशील और गुप्त अभियान में दोनों देशों के कम से कम 4 शीर्ष जनरल सीधे तौर पर शामिल थे।

यूक्रेन युद्ध के बीच इतने उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का साफ संकेत है कि मॉस्को और बीजिंग इस रणनीतिक सहयोग को कितनी अहमियत दे रहे हैं। हालांकि, बीजिंग ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, लेकिन इस खुलासे ने यूरोपीय देशों के भीतर एक बड़े सुरक्षा संकट और चिंता को जन्म दे दिया है। [1]

खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

एक क्लासीफाइड रूसी सैन्य दस्तावेज से पता चला है कि अगस्त, 2025 में रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव द्वारा एक आंतरिक डिक्री जारी की गई थी। इस डिक्री के तहत रूसी सशस्त्र बलों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सुविधाओं में भेजा गया था, जहां चीन का सैन्य प्रशिक्षण बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया गया। इस दौरान बीजिंग में आयोजित एक विशेष कोर्स के तहत रूसी सैनिकों को रेडियोलॉजिकल, जैविक और रासायनिक युद्ध प्रणालियों का कड़ा अभ्यास कराया गया।

दस्तावेजों में शामिल तस्वीरों में चीनी प्रशिक्षक रूसी सैनिकों को न्यूक्लियर रिएक्टर के मॉडल के जरिए हवा को दूषित होने से बचाने और रासायनिक टोही जैसी संवेदनशील तकनीकों का पाठ पढ़ाते नजर आ रहे हैं। यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि रासायनिक और परमाणु सुरक्षा से जुड़ा यह प्रशिक्षण साधारण सैन्य सहयोग नहीं, बल्कि एक बेहद रणनीतिक और संवेदनशील कदम है। इस मामले पर रूस और चीन के रक्षा मंत्रालयों ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है।

यूक्रेन युद्ध पर बढ़ता असर

बीजिंग खुद को यूक्रेन संकट में पूरी तरह तटस्थ और एक शांति मध्यस्थ के रूप में पेश करता रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय ने इस ताजा रिपोर्ट को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है, लेकिन खुफिया एजेंसियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यूरोपीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर के महीने में आयोजित चीन का सैन्य प्रशिक्षण लगभग 200 रूसी सैन्य कर्मियों को दिया गया था, जिनमें से कई सैनिक अब यूक्रेन के खिलाफ सीधे युद्ध के मैदान में उतर चुके हैं।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा क्लास ने भी पुष्टि की है कि ब्रसेल्स ने अपने स्तर पर इस प्रशिक्षण की पुष्टि की है और इसके दूरगामी परिणामों का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, बीजिंग ने इस बयान को केवल चीन की छवि खराब करने की कोशिश बताया है। इस मामले पर रूसी संसद की रक्षा समिति के प्रमुख आंद्रेई कार्तापोलोव ने भी इस रिपोर्ट को बकवास करार देते हुए कहा कि रूसी सेना को चीन से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है।

“यूरोपीय संघ को अब चीन को केवल एक व्यापारिक साझेदार के रूप में देखना बंद करना होगा। हमें उस वास्तविक खतरे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिसके तहत चीन का सैन्य प्रशिक्षण यूक्रेन युद्ध में रूस के लिए एक निर्णायक मददगार साबित हो रहा है।” — काजा क्लास, विदेश नीति प्रमुख, यूरोपीय संघ

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, नीतिगत अथवा रणनीतिक दावों की पुष्टि करना नहीं है, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना उपलब्ध कराना है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के स्वतंत्र निर्णयों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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