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20 दिन बाद भी लापता मासूम का सुराग नहीं, गृह मंत्री को सौंपा ज्ञापन

नीमोद की अरावली पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 20 दिन पहले लापता हुए मासूम का सुराग नहीं लगने पर जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg गृहमंत्री को सौंपा ज्ञापन

गृहमंत्री को सौंपा ज्ञापन

सीकर (शिंभू सिंह शेखावत)। राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना अंतर्गत नीमोद गांव की अरावली पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक हिंगलाज माता मंदिर परिसर से लापता हुए 5 वर्षीय बच्चे भावेश सिंह राजपूत का आज 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अता-पता नहीं है। इस बेहद संवेदनशील और रहस्यमयी मामले को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सचिव युवा लोकदल विनोद भूदोली ने राज्य के गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढम से विशेष मुलाकात की है।

विनोद भूदोली ने गृह मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस रहस्यमयी गुमशुदगी मामले में राज्य स्तर से विशेष हस्तक्षेप करने और जांच को तेज करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी मासूम का सुराग नहीं लगना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गृह मंत्री ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

लापता होने का घटनाक्रम

यह पूरा दुखद घटनाक्रम बीती 12 जून 2026 का है, जब सुबह करीब 10:09 बजे 5 वर्षीय मासूम भावेश अपने पूरे परिवार के साथ नीमोद पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने के लिए गया था। मंदिर परिसर के पास पानी पीने के दौरान वह अचानक और अत्यंत रहस्यमयी परिस्थितियों में ओझल हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ, लेकिन आज तक उस मासूम का सुराग नहीं मिल सका है।

शुरुआती दौर में परिजनों ने अपने स्तर पर बच्चे की काफी खोजबीन की थी, लेकिन सफलता न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। इस घटना के बाद से ही मासूम भावेश के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और वे किसी भी तरह अपने लाडले की सुरक्षित घर वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पहाड़ियों में मेगा सर्च ऑपरेशन

मासूम की तलाश में पिछले 20 दिनों से अरावली की दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों में एक बहुत बड़ा संयुक्त मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस सघन सर्च अभियान में स्थानीय जिला पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीमें, डॉग स्क्वायड की टीम व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुटे हुए हैं। हालांकि, तमाम आधुनिक संसाधनों और भारी जनबल के बावजूद धरातल पर अब तक मासूम का सुराग हाथ नहीं लगा है।

अरावली की यह प्राचीन पहाड़ी समुद्र तल से करीब 3200 फीट ऊंची और बेहद दुर्गम तथा पथरीली है। इस सर्चिंग अभियान के दौरान वन विभाग की टीम को वन्यजीवों और लेपर्ड (तेंदुए) की कई सक्रिय गुफाएं भी मिली हैं, जिससे किसी अनहोनी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस और प्रशासन की सभी विंग्स इस गुत्थी को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द मासूम का सुराग लगाया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह समाचार रिपोर्ट स्थानीय पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सामाजिक जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इस मामले में पुलिस की अग्रिम कार्रवाई, जांच रिपोर्ट अथवा किसी भी आधिकारिक अपडेट के लिए कृपया संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय या नीमकाथाना पुलिस प्रशासन से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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