नवाचार अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक
डेयरी में AI एवं टेक्नोलॉजी दिवस मनाया, जहां डिजिटल सेवाओं के माध्यम से तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
डेयरी परिसर में ए.आई. एवं टेक्नोलॉजी दिवस
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में 29 जून से 6 जुलाई तक मनाए जा रहे ‘सहकार सप्ताह’ के तहत भीलवाड़ा डेयरी परिसर में ए.आई. एवं टेक्नोलॉजी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डेयरी से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहकारी बैंक के प्रतिनिधियों ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया। भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार पूरे देश में विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में 2 जुलाई को भीलवाड़ा डेयरी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसके माध्यम से भविष्य में तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक और उन्हें डिजिटल सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में तकनीक प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और सहकारिता क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। डेयरी स्तर पर किए जा रहे नवाचारों की बदौलत अब तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और सेवाएं अधिक सरल एवं पारदर्शी बन सकेंगी।
डिजिटल बैंकिंग सुविधा
कार्यक्रम के दौरान सहकारी बैंक की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की जानकारी भी दी गई। प्रबंध संचालक ने बताया कि सहकारिता के अंतर्गत समितियों एवं दुग्ध उत्पादकों के खाते सहकारी बैंक में खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसके साथ ही किसानों को माइक्रो एटीएम, डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया ताकि अधिक से अधिक तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।
तकनीक से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों का उपयोग दुग्ध उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन, डेटा विश्लेषण और वित्तीय सेवाओं में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। तकनीक के माध्यम से किसानों को समय पर जानकारी, पारदर्शी भुगतान और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे डिजिटल तकनीकों को अपनाएं, क्योंकि जब जमीनी स्तर पर तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक, तभी वे सरकारी योजनाओं और सहकारी सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने में सक्षम हो सकेंगे।
अधिकारी रहे उपस्थित
ए.आई. एवं टेक्नोलॉजी दिवस कार्यक्रम में भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार, सहकारी बैंक के मैनेजर आशुतोष मेहता, विभिन्न विभागाध्यक्ष, डेयरी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सहकारिता को तकनीक के साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में तकनीक आधारित नवाचारों को अपनाने और सहकारी क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। भीलवाड़ा डेयरी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का गवाह है कि आने वाले समय में तकनीक से जुड़ेंगे दुग्ध उत्पादक और आधुनिक पद्धतियों से जुड़कर डेयरी क्षेत्र में प्रगति करेंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उलेड़ा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम और पदाधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। समिति की आगामी योजनाओं, बीज वितरण और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति के लिए केवल कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।