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ग्रामीणों को मिल रहा ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ, 34 हजार उपचारित

201 ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ उठाकर 34 हजार से अधिक ग्रामीण उपचारित हुए। जांच, उपचार और आयुष्मान कार्ड की मिल रही सुविधाएं।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg ग्रामीण सेवा शिविर

ग्रामीण सेवा शिविर

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिलेभर में आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। इन शिविरों के माध्यम से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर जांच, उपचार, दवाइयां, स्वास्थ्य परामर्श और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक आयोजित 201 ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ पाकर 34 हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर उपचारित किया जा चुका है। शिविरों में विशेष रूप से टीबी मुक्त भारत अभियान, गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) पर विशेष फोकस रखा गया। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने तथा आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच, उपचार, परामर्श तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है, जिससे सीधे तौर पर ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ आम जनता तक पहुँच रहा है।

ग्रामीण सेवा शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गैर संचारी रोग (एनसीडी) के अंतर्गत ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह (शुगर) की नियमित जांच की जा रही है। अब तक 12,199 पुरुष एवं 9,311 महिलाओं सहित कुल 21,410 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान संभावित रोगियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार, परामर्श तथा नियमित फॉलोअप के लिए चिकित्सा संस्थानों से जोड़ा गया। ग्रामीण सेवा शिविरों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 2,658 महिला एवं पुरुषों की ई-केवाईसी की गई, जबकि 4,090 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

ग्रामीणों को मिला उपचार

शिविरों के माध्यम से अब तक 19,252 पुरुष एवं 15,088 महिलाओं सहित कुल 34,340 ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान कर उपचारित किया गया। चिकित्सा विभाग के अनुसार व्यापक स्तर पर चल रहे इन ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ लेते हुए ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य जांच, रोगों का उपचार, दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य परामर्श तथा आवश्यकतानुसार उच्च संस्थानों के लिए रेफरल सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

अभियान को मिली नई गति

ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक 12,382 महिला एवं पुरुषों की टीबी स्क्रीनिंग कर संभावित रोगियों की पहचान की गई। वहीं शिविरों के दौरान 245 निक्षय मित्र बनाए गए, जिन्होंने टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त 263 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट एवं पोषण सामग्री वितरित कर उपचार के साथ-साथ पोषण सहयोग भी उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गंभीर बीमारियों की रोकथाम में ग्रामीण सेवा शिविरों से लाभ निरंतर मिल रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उलेड़ा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम और पदाधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। समिति की आगामी योजनाओं, बीज वितरण और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति के लिए केवल कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief