अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील, भूकंप से तबाही के बाद हालात बेकाबू
वेनेजुएला में भूकंप से तबाही के बाद मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दोहरे भूकंप के झटकों के बाद देश में हजारों लोग बेघर हो गए हैं और राहत कार्य जारी है
शवो को ताबूत में रखते राहतकर्मी
काराकास, वेनेजुएला। वेनेजुएला में आए दोहरे भीषण भूकंप के बाद स्थिति हर गुजरते घंटे के साथ और अधिक गंभीर होती जा रही है। सूचना मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी किए गए नए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भयावह आपदा में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 3,342 तक पहुंच गई है। मलबे को हटाने का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। [1]
सरकारी रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इस समय वेनेजुएला में भूकंप से तबाही का मंजर इस कदर खौफनाक है कि घायल नागरिकों का आंकड़ा 16,470 दर्ज किया गया है। इसके अलावा, करीब 17,345 से ज्यादा लोग इस त्रासदी में अपने घरों को खोकर पूरी तरह बेघर हो चुके हैं। इन विस्थापित लोगों को फिलहाल अस्थायी राहत शिविरों और टेंटों में शरण दी गई है, जहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखा जा रहा है।
राहत कार्यों में देरी
इस अभूतपूर्व मानवीय संकट के बीच देश के विभिन्न हिस्सों से सरकार और प्रशासन के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के लोगों का सीधा आरोप है कि भूकंप आने के बाद शुरुआती कुछ घंटों में प्रशासनिक मदद और रेस्क्यू टीमें समय पर नहीं पहुंच सकीं, जिसे वे एक बड़ी नाकामी मान रहे हैं।
जमीनी स्तर पर वेनेजुएला में भूकंप से तबाही झेल रहे परिवारों का कहना है कि अगर मलबे में दबे अपनों को निकालने के लिए आधुनिक मशीनें और बचाव दल समय रहते पहुंच जाते, तो शायद मरने वालों का आंकड़ा इतना बड़ा नहीं होता। इस बेहद धीमी और लचर प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक स्थानीय अधिकारियों की कड़ी आलोचना की जा रही है।
Spanish TVE channel shows the harrowing footage that truly shows the scale of the tragedy in Venezuela
— Visegrád 24 (@visegrad24) July 1, 2026
"There are not enough morgues or refrigeration chambers for all the bodies being recovered. That’s why they had to improvise this morgue inside an old silo at the port of La… pic.twitter.com/8HYzHVEVWO
राष्ट्रपति का एलान
इन तमाम विवादों और देश के भीतर बढ़ते भारी असंतोष के बीच, अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश के 215वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित किया। अपने विशेष भाषण में उन्होंने आपदा के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का पुरजोर बचाव किया और जनता को आश्वस्त करने का प्रयास किया कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जैसे ही वेनेजुएला में भूकंप से तबाही की पहली सूचना मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के तुरंत सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं को सबसे प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी आकस्मिक आपदाओं और बड़े संकटों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सेना के भीतर एक पूरी तरह से नई और विशेष सैन्य इकाई (Military Unit) के गठन का भी बड़ा एलान किया है।
अंतरराष्ट्रीय मदद
फिलहाल प्रभावित शहरों और कस्बों में मलबे को साफ करने तथा लापता लोगों को तलाशने का काम चौबीसों घंटे युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। स्थानीय अस्पतालों पर घायलों के इलाज का भारी दबाव है, जिसके चलते दवाओं, रक्त और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें बिना सोए लगातार काम में जुटी हुई हैं।
इस बेहद नाजुक और चुनौतीपूर्ण समय में दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी वेनेजुएला की तरफ मानवीय मदद और आवश्यक राहत सामग्री भेजी है। हालांकि, देश के बुनियादी ढांचे, सड़कों और संचार व्यवस्था को पहुंचे भारी नुकसान को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला में भूकंप से तबाही के इस गहरे जख्म और मंदी से पूरी तरह उबरने में देश को कई साल का लंबा वक्त लग सकता है।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आपदा के हालातों और जमीनी स्थिति के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Drone footage shows widespread destruction in La Guaira, Venezuela, after powerful twin earthquakes struck the country on Wednesday, leaving more than 1,700 people dead and tens of thousands more missing pic.twitter.com/91j9A5K7H0
— AFP News Agency (@AFP) June 30, 2026