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क्यूबा का राष्ट्रीय ग्रिड फेल होने से जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

क्यूबा में अचानक राष्ट्रीय ग्रिड ठप होने से पूरा देश भीषण अंधेरे में डूब गया, जिससे आवश्यक सेवाओं समेत आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

By अजय त्यागी
1 min read
सोलर पैनल से काम निकालते लोग - Photo: Reuters

सोलर पैनल से काम निकालते लोग - Photo: Reuters

हवाना, क्यूबा। क्यूबा में सोमवार को अचानक राष्ट्रीय ग्रिड ठप होने के बाद पूरे देश में हाहाकार मच गया है। सरकार ने बिजली आपूर्ति को धीरे-धीरे बहाल करना शुरू कर दिया है लेकिन स्थिति अभी भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है। ऊर्जा ईंधन और दवाओं की भारी किल्लत झेल रहे इस द्वीपीय देश के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका है। ग्रिड ऑपरेटर यूएनई ने बताया कि अस्पतालों और खाद्य उत्पादन केंद्रों जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बिजली दी जा रही है। हालांकि शाम तक राजधानी हवाना की केवल एक प्रतिशत मांग को ही पूरा किया जा सका था। [1]

गहराता ऊर्जा संकट

अधिकारियों ने अभी तक इस बात की आधिकारिक घोषणा नहीं की है कि राष्ट्रीय ग्रिड किस तकनीकी खराबी के कारण अचानक पूरी तरह बंद हो गया। क्यूबा पिछले कई महीनों से घंटों और हाल के दिनों में तो कई दिनों तक चलने वाली बिजली कटौती से जूझ रहा है। इस संकट का मुख्य कारण देश का बेहद जर्जर हो चुका बुनियादी ढांचा है। इसके साथ ही अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने तेल की आपूर्ति को पूरी तरह बाधित कर दिया है जिससे बिजलीघरों के लिए ईंधन जुटाना असंभव हो गया है।

देशव्यापी ब्लैकआउट और बिजली बहाली की बेहद धीमी गति ने कैरेबियाई गर्मी से परेशान क्यूबा के नागरिकों की मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया है। लगातार होने वाली बिजली कटौती के कारण लोगों के लिए काम करना या भीषण गर्मी में सो पाना भी नामुमकिन हो गया है। ग्रिड फेल होने से ठीक पहले ही देश का लगभग दो तिहाई हिस्सा पहले से ही बिना बिजली के रह रहा था। इस वजह से संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण बहुत से लोगों को इस नए संकट का तुरंत पता भी नहीं चल सका।

अमेरिकी प्रतिबंधों की मार

अक्टूबर दो हजार पच्चीस के बाद से यह आठवीं बार है जब देश का राष्ट्रीय ग्रिड पूरी तरह चरमरा गया है। अमेरिकी प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला से क्यूबा जाने वाले ईंधन जहाजों पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। अमेरिका ने मेक्सिको पर भी तेल की आपूर्ति रोकने के लिए भारी दबाव बनाया है और तेल भेजने वाले किसी भी देश पर कड़े टैरिफ लगाने की सीधी धमकी दी है। अमेरिका का मानना है कि क्यूबा की सरकार उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

दूसरी तरफ क्यूबा हमेशा से अमेरिकी दावों को खारिज करता आया है कि वह अमेरिका के लिए किसी भी तरह का खतरा है। आम नागरिकों के लिए यह समस्या राजनीतिक न होकर पूरी तरह से उनके अस्तित्व और दैनिक जीवन से जुड़ी हुई है। भीषण गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों का घरों में रहना दूभर हो चुका है। आवश्यक सेवाओं के ठप होने से अस्पतालों में मरीजों की जान पर बन आई है और लोग जल्द से जल्द इस समस्या से परमानेंट निजात चाहते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह रिपोर्ट क्यूबा के ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के प्रभावों को दर्शाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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