WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

बीकानेर कोर्ट का फैसला: महिला उत्पीड़न मामले में 3 साल कैद और अर्थदंड

10 साल पुराने महिला उत्पीड़न के एक मामले में बीकानेर कोर्ट का फैसला। आरोपी को 3 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड से किया दंडित।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

बीकानेर, राजस्थान। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीड़न प्रकरण के न्यायालय ने वर्ष 2016 के एक दुष्कर्म के प्रयास एवं घर में घुसकर लज्जाभंग करने के गंभीर मामले में अपना एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इस संवेदनशील प्रकरण में आया बीकानेर कोर्ट का फैसला समाज में महिला सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश देता है। अदालत ने मामले से जुड़े तमाम साक्ष्यों को देखने के बाद आरोपी मुल्जिम एहसान उर्फ आमिर खान को दोषी ठहराते हुए सजा का निर्धारण किया है।

गंगाशहर थाना क्षेत्र का मामला

यह प्रकरण वर्ष 2016 में पुलिस थाना गंगाशहर में अभीयोग संख्या 144/16 के रूप में दर्ज हुआ था। अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश की गई कहानी के अनुसार पीड़िता अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली मौजूद थी। इसी दौरान आरोपी कथित रूप से दुर्भावना के साथ उसके घर में जबरन घुस आया और उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने तथा उसकी लज्जाभंग करने के प्रयास को अंजाम दिया।

पीड़िता द्वारा इस अप्रत्याशित कृत्य का कड़ा विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी मुल्जिम घबराकर मौके से फरार हो गया था। इस घटना के बाद पीड़िता के परिजनों द्वारा मामले की लिखित रिपोर्ट स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। बीकानेर कोर्ट का फैसला इसी घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आया है जिसमें आरोपी को 3 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

न्यायालय में पेश हुए सबूत

अधिवक्ता कौशल सांखला के अनुसार न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 4 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान एवं 6 मजबूत दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। इसके साथ ही परिवादी पक्ष की ओर से 8 महत्वपूर्ण न्यायिक दृष्टांत भी न्यायालय के समक्ष तर्क के रूप में रखे गए थे जिनके आधार पर आरोपी को कानूनन दोषसिद्ध करने का पुरजोर आग्रह किया गया था।

इस संवेदनशील मामले की पैरवी परिवादी अधिवक्ता कौशल सांखला तथा लोक अभियोजक राजपाल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों एवं पक्षकारों के बयानों को सही पाया। इसके बाद आया बीकानेर कोर्ट का फैसला आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित करता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह समाचार बीकानेर की एक स्थानीय अदालत द्वारा वर्ष 2016 के आपराधिक मामले में सुनाए गए फैसले की न्यायिक जानकारी प्रदान करता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief