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लखनऊ में रिटायर्ड एआरटीओ पर विजिलेंस छापे से विभाग में हड़कंप

आय से अधिक संपत्ति मामले में रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के घर विजिलेंस छापे के दौरान करीब पैंतीस करोड़ की अकूत काली कमाई का बड़ा खुलासा हुआ है।

By अजय त्यागी
1 min read
रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार

रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर बड़ी कार्रवाई हुई है। विजिलेंस छापे की इस कार्रवाई के दौरान भ्रष्टाचार से कमाई गई अकूत काली संपत्ति का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच टीम ने सेवानिवृत्त अधिकारी के आलीशान ठिकाने से पैकेट में छिपाकर रखे गए एक करोड़ बासठ लाख रुपये नकद, करीब बीस करोड़ रुपये मूल्य के सोने चांदी के बाईस किलो बिस्किट व आभूषण और भारी निवेश के साक्ष्य बरामद किए हैं। [1]

काली कमाई का खुलासा

विजिलेंस छापे के दौरान जब अधिकारियों ने ललित कुमार से उनके पास मिली करोड़ों की संपत्तियों और सोने चांदी के बारे में सख्ती से पूछताछ की तो वह टीम को लगातार गुमराह करते रहे। वह इस अकूत दौलत को अपनी ससुराल से मिला हुआ गिफ्ट बताने लगे। हालांकि जब विजिलेंस टीम ने उनके बैंक खातों से संपत्तियां खरीदने के लिए पूर्व में किए गए बड़े ट्रांजेक्शन को उनके सामने रखकर सवाल किए तो वह कोई जवाब नहीं दे सके और पूरी तरह निरुत्तर हो गए।

शुरुआती आकलन में बरामद की गई चल और अचल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब पैंतीस करोड़ रुपये आंका गया है। विजिलेंस ने छापे में पूर्व अधिकारी के जिन पंद्रह बड़े अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं, उनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब तीस करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि अधिकतर संपत्तियां उन्होंने कुल आय से पैंतीस गुना अधिक खर्च कर खुद के और अपने परिजनों के नाम पर ही सीधे तौर पर खरीदी थी।

विभाग में भारी हड़कंप

इस बड़ी कार्रवाई का विवरण विजिलेंस ने बृहस्पतिवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। आगरा में तैनात रहे पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व में भी शिकायतें आई थीं। लखनऊ के चंद्रलोक कॉलोनी आवास पर हुई इस बड़ी विजिलेंस छापे की कार्रवाई के बाद पूरे परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में लिप्त कई अन्य अधिकारी अपनी कथित संपत्तियों और वित्तीय लेन देन को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।

जांच एजेंसी अब ललित कुमार और उनके परिजनों की अन्य छिपी हुई संपत्तियों का पता लगाने के लिए कई सब रजिस्ट्रार कार्यालयों को पत्र लिखकर ब्योरा मांग रही है। विजिलेंस छापे के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय भी ललित कुमार पर धन शोधन के तहत अपना शिकंजा कस सकता है। फिलहाल अदालत के सर्च वारंट पर हुई इस छानबीन के बाद विजिलेंस अधिकारी ललित कुमार को विस्तृत बयान दर्ज करने और आगे की पूछताछ के लिए जल्द ही दोबारा तलब करने की तैयारी कर रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की यह जांच अभी जांच एजेंसी और न्यायालय के अधीन जारी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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