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नीट पेपर लीक मामले में सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 तक बढ़ी

नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी तेरह मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत चौबीस जुलाई तक बढ़ा दी है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा से जुड़े नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत के सीबीआई न्यायाधीश सतीश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घोटाले के सभी तेरह मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को आगामी चौबीस जुलाई तक बढ़ाने का कानूनी आदेश जारी कर दिया है। आज इन सभी आरोपियों की पुरानी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त हो रही थी जिसके तुरंत बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया था। [1]

सीबीआई की प्राथमिकी

इस पूरे विवाद की शुरुआत बारह मई को हुई थी जब एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की लिखित शिकायत पर पहली आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीबीआई ने इस संवेदनशील मामले में भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के विभिन्न कड़े प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है। तीन मई को देश भर में आयोजित हुई इस मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के गंभीर आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने इस परीक्षा को पूरी तरह से निरस्त करने का एक बड़ा फैसला लिया था।

इस बड़े नीट पेपर लीक घोटाले की व्यापकता को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने इसकी पूरी कमान सीबीआई को सौंप दी थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले में अब तक तेरह आरोपियों को देश के अलग अलग हिस्सों से गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में यह मुख्य आरोप सामने आया है कि मनीषा वाघमारे नामक महिला ने सबसे पहले धनंजय लोखंडे को परीक्षा के गोपनीय प्रश्न पत्र सौंपे थे जिसके बाद धनंजय ने इन्हें आगे शुभम खैरवार नामक आरोपी तक पहुंचाया था।

हिरासत में आरोपी

मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए कोर्ट ने चौदह मई को पांच प्रमुख आरोपियों को सात दिनों की विशेष सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। इन पांच मुख्य आरोपियों में नासिक के शुभम खैरनार जयपुर के मांगीलाल बिवाल विकास बिवाल दिनेश बिवाल और गुरुग्राम से गिरफ्तार यश यादव शामिल हैं। शुभम खैरनार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था जहां से उसे दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था।

जांच एजेंसी इन सभी आरोपियों से इस नीट पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं के बारे में लगातार पूछताछ कर रही है। अदालत में पेशी के दौरान सीबीआई ने दलील दी कि आरोपियों की बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने जांच एजेंसी के तर्कों को सही मानते हुए सभी आरोपियों की जेल अवधि को चौबीस जुलाई तक सुरक्षित कर दिया है जिससे इस संगठित अपराध के वित्तीय लेन देन और डिजिटल सबूतों को आसानी से इकट्ठा किया जा सके।

परीक्षा का दोबारा आयोजन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित यह नीट यूजी परीक्षा मूल रूप से तीन मई को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। हालांकि प्रश्न पत्र लीक होने के देशव्यापी विवादों के कारण इसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस पूरी परीक्षा को दोबारा इक्कीस जून को बेहद कड़ी सुरक्षा और व्यापक तकनीकी निगरानी के बीच देश भर में सफलतापूर्वक आयोजित किया था।

इस संवेदनशील नीट पेपर लीक की परतें खुलने के बाद अब देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और परीक्षा सुरक्षा मानकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है। सीबीआई की यह जांच अब अंतिम चरण में पहुंच रही है जहां कई और बड़े नामों के सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में कोर्ट के इस फैसले के बाद इस पूरे रैकेट के मुख्य किरदारों पर कानूनी शिकंजा और मजबूत होना तय माना जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नीट परीक्षा के आयोजन निरस्तीकरण और कोर्ट की कानूनी कार्यवाही की आधिकारिक जानकारी पूरी तरह से संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक आदेशों के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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