वेनेजुएला में पुनर्निर्माण तेज भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू कार्य पूरा
वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू तेज हुआ है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए आभार जताया है।
भीषण भूकंप के बाद
कराकास, वेनेजुएला: वेनेजुएला में पिछले दिनों आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी ला दी गई है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने इस प्राकृतिक आपदा में हताहत हुए नागरिकों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन द्वारा भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। सरकार ने संकट की इस घड़ी में बेघर हुए हजारों नागरिकों के लिए सुरक्षित शिविरों और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की है। [1]
स्वयंसेवकों का सहयोग
इस भीषण आपदा के बाद देश के लगभग तीस हजार नागरिकों ने राहत कार्यों के लिए स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ने बताया कि आपदा के इस अत्यंत संवेदनशील चरण में इन स्वयंसेवकों ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। सरकार ने अब इन सभी पंजीकृत स्वयंसेवकों को प्रभावित क्षेत्रों में नए मकानों के निर्माण और क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के कार्य में सीधे तौर पर शामिल करने का एक विशेष प्रस्ताव तैयार किया है ताकि विस्थापित परिवारों का पुनर्वास तेजी से हो सके।
बेघर हुए परिवारों की सहायता के लिए प्रशासन ने एक एकीकृत आवास रजिस्ट्री प्रणाली की शुरुआत की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार यह प्रणाली प्रभावित लोगों की सटीक जनगणना करने और पीड़ितों तक सरकारी वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए एक मजबूत डेटाबेस के रूप में कार्य करेगी। सरकार का मुख्य ध्यान उन परिवारों को तुरंत आवास उपलब्ध कराना है जिनके मकान स्थायी रूप से नष्ट हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकानों को मरम्मत के जरिए रहने योग्य बनाया जा रहा है क्योंकि भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू अब अंतिम चरण में है।
अस्थायी शिविरों की स्थापना
स्थायी आवासों के निर्माण की अवधि तक प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष एकल परिवार संक्रमणकालीन शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। नेशनल असेंबली ने इस संबंध में किराया कानून में आवश्यक संशोधन करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को नए मकान खरीदने में मदद करने के लिए एक विशेष क्रेडिट और सब्सिडी प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों को कूटनीतिक और आर्थिक रूप से जल्द से जल्द आत्मनिर्भर बनाना है ताकि भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू अभियान पूरी तरह सफल हो सके।
विदेशी प्रतिबंधों के कारण विदेशों में जमी हुई वेनेजुएला की वित्तीय संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए भी कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज ने इस संबंध में विभिन्न वैश्विक सरकारों को पत्र भेजकर देश की संपत्ति जारी करने का औपचारिक अनुरोध किया है ताकि राहत कार्यों को गति मिल सके। इस बीच संकट की इस घड़ी में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विश्व के अट्ठाइस देशों ने वेनेजुएला की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है जिससे राहत कार्यों को बहुत संबल मिला है।
वैश्विक सहायता का आभार
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कराकास में स्थापित एक मुख्य राहत संग्रह केंद्र का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया है। इस विशाल केंद्र में विभिन्न मित्र देशों से प्राप्त दो हजार टन से अधिक की अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री का वर्गीकरण किया जा रहा है। इस वर्गीकृत सामग्री को विभिन्न अस्थायी शिविरों में रह रहे प्रभावित नागरिकों के बीच वितरित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सहायक देश यह देख सकेगा कि उनके द्वारा भेजी गई मानवीय सहायता का उपयोग किस प्रकार जनहित में किया जा रहा है।
इस अभूतपूर्व वैश्विक प्रतिक्रिया और एकजुटता के बाद वेनेजुएला के नागरिकों को यह विश्वास हुआ है कि संकट के इस दौर में वे वैश्विक समुदाय में अकेले नहीं हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान में हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य भविष्य की ओर देखना और प्रभावित क्षेत्रों का पूर्ण पुनर्निर्माण करना है। संकट के इस अंतिम चरण में भी मलबे की निगरानी के साथ भूकंप पीड़ितों का रेस्क्यू कार्य पूरी सतर्कता से सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। वेनेजुएला में आए इस भूकंप और उसके बाद के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के संबंध में नए आधिकारिक आंकड़े संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।