होर्मुज में फिर जहाज हुआ हमले का शिकार भारतीय नागरिक थे सवार
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज हमले का शिकार बना है। पोत पर सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय हुआ चिंतित।
व्यापारिक जहाज हमले का शिकार बना
नई दिल्ली, भारत: भारत ने ओमान के तट के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रहे एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है क्योंकि यह हालिया वाणिज्यिक पोत अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर दुर्भावनापूर्ण हमले का शिकार हुआ है जो वैश्विक व्यापार के लिए संकट है। समाचार एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार दस भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है जबकि एक चालक दल का सदस्य अभी भी लापता है। [1]
ओमान में बचाव अभियान
इस गंभीर सुरक्षा संकट के बाद ओमान में स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। भारतीय कूटनीतिक अधिकारी लापता नागरिक की तलाश के लिए ओमान के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर एक व्यापक खोज और बचाव अभियान का संचालन कर रहे हैं। भारत सरकार ने इस कठिन समय में त्वरित सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए ओमान प्रशासन का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है। भारतीय कूटनीतिज्ञ प्रभावित नागरिकों के परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक कूटनीतिक वक्तव्य में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में नागरिक मालवाहक पोतों पर हो रही हिंसक घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। भारत ने वैश्विक मंच से इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव को तुरंत कम करने की अपनी पुरानी मांग को एक बार फिर दोहराया है। भारतीय प्रशासन का मानना है कि इस पूरे सुरक्षा विवाद का स्थायी समाधान केवल शांतिपूर्ण कूटनीतिक वार्ताओं और आपसी समझौतों के माध्यम से ही संभव है ताकि क्षेत्र में स्थिरता लौट सके।
वैश्विक समुद्री सुरक्षा
भारत सरकार ने दृढ़ता से कहा है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर नागरिक बुनियादी ढांचे और मालवाहक जहाजों को हमले का शिकार बनाने की यह खतरनाक प्रवृत्ति अब तुरंत बंद होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप वैश्विक जलमार्गों के माध्यम से मुक्त और निर्बाध नौवहन और वाणिज्यिक व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना बेहद आवश्यक है। ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे जहाज के प्रबंधन और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
इस घटना के बाद वैश्विक रणनीतिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की एक रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस के ध्वज वाले इस कंटेनर पोत पर उस समय हमला किया गया जब वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। अमेरिकी सेना के दावों के अनुसार इस हिंसक कार्रवाई के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना का हाथ है। इस बर्बर कार्रवाई के चलते यह पोत खुले समुद्र में हमले का शिकार बना है जिसके कारण जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है और उसमें भीषण आग लग गई है जिससे पोत आगे की यात्रा करने में पूरी तरह असमर्थ है।
सामरिक तनाव में वृद्धि
इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कदम उठाते हुए इस सप्ताह ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के हवाई हमलों की शुरुआत कर दी है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान को पहले भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री समझौतों का पालन करने के कई अवसर दिए गए थे लेकिन वह इसमें विफल रहा है। यह पूरी हिंसक घटना हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के जल क्षेत्र में बढ़े हुए भू राजनीतिक तनाव के बीच हुई है जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से यह जलमार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ने से वैश्विक बाजार में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा क्योंकि कूटनीतिक रास्तों में किसी भी नागरिक पोत का इस तरह हमले का शिकार होना वैश्विक शांति के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ओमान तट के पास हुए इस पोत हमले, भारतीय नागरिकों के बचाव अभियान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे सैन्य तनाव के संबंध में नए विवरण संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC Navy ने होर्मुज़ में रास्ता भटकने वाले एक जहाज़ पर चेतावनी में गोली चलाई...
— Shekhar Upadhyay ?? (@ShekharUpLive) July 12, 2026
तेहरान का ऐलान: अमेरिकी ऑपरेशन पूरी तरह खत्म होने तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से बंद। कोई आवाजाही नहीं!..#IranAttack #HormuzStrait (Strait of Hormuz Visual)
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