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जैन धर्म के सिद्धांत अपनाकर संस्कार सीखेगी नई पीढ़ी

जैन सोशल ग्रुप्स इंटरनेशनल फेडरेशन ने पूज्य माताजी के आशीर्वाद से समाज में जैन धर्म के सिद्धांत और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ाने का संकल्प लिया।

By अजय त्यागी
1 min read
पूज्य माताजी का लिया आशीर्वाद

पूज्य माताजी का लिया आशीर्वाद

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। परम पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ती भूषण माताजी के सान्निध्य में जैन सोशल ग्रुप्स इंटरनेशनल फेडरेशन एवं नॉर्दर्न रीजन जोन 6 के पदाधिकारियों ने भेंट कर श्रीफल अर्पित किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फेडरेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बिरेन के शाह ने किया। इस दौरान पूर्व संयुक्त सचिव अनिल काला पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कमल संचेती सुनील पहाड़िया मनीष जैन विनोद टोरडी नरेश जैन वेद मनोज जैसवाल कपिल आगम और सुशील बिलाला सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पूज्य माताजी का मार्गदर्शन

इस अवसर पर आर्यिका श्री ने कहा कि जैन सोशल ग्रुप्स इंटरनेशनल फेडरेशन विश्वभर में समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है लेकिन अब समय की आवश्यकता है कि सेवा गतिविधियों के साथ आध्यात्म भक्ति और धर्म प्रभावना को भी संगठित रूप से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकल्प और कार्यक्रम संचालित किए जाएं जिनसे समाज विशेषकर नई पीढ़ी जैन धर्म के सिद्धांत, संस्कारों और जीवन मूल्यों से जुड़ सके तथा धर्ममार्ग पर अग्रसर हो।

माताजी ने अपने मार्गदर्शन में संचालित स्मार्ट परिवार कार्यशाला को फेडरेशन की गतिविधियों में शामिल करने का सुझाव देते हुए कहा कि यह प्रकल्प परिवारों में संस्कार संवाद पारिवारिक मूल्यों एवं वैवाहिक जीवन की मजबूती के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन इस कार्यशाला के माध्यम से समाज में टूटते रिश्तों पारिवारिक विघटन और वैवाहिक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए प्रभावी पहल कर सकता है और आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं भी उपस्थित होकर लोगों को प्रेरित करेंगी।

राष्ट्रीय सम्मेलन का सुझाव

आर्यिका श्री ने जैन समाज से जुड़े विभिन्न पेशेवर वर्गों डॉक्टरों, इंजीनियरों, अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा अन्य विशेषज्ञों का एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का भी सुझाव दिया जिससे समाज की बौद्धिक एवं व्यावसायिक क्षमता को सेवा और संगठन के कार्यों से जोड़ा जा सके। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने माताजी के विचारों को ध्यान से सुना और समाज हित में इस प्रकार के आयोजनों को आज के समय में बेहद प्रासंगिक और जरूरी बताया।

फेडरेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बिरेन के शाह ने सभी सुझावों को करबद्ध स्वीकार करते हुए कहा कि फेडरेशन के विश्व में सत्तर हजार दंपती सदस्य हैं जिनके सहयोग से संगठन जैन धर्म के सिद्धांत का प्रसार कर समाजसेवा के साथ आध्यात्मिक गतिविधियों को भी अपनी प्राथमिकता बनाएगा। उन्होंने स्मार्ट परिवार कार्यशाला सहित विभिन्न प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा पेशेवर सम्मेलन आयोजित करने की दिशा में शीघ्र पहल करने का विश्वास दिलाया ताकि नई पीढ़ी को जैन धर्म के सिद्धांत सिखाए जा सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह समाचार जैन समाज की आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को रेखांकित करता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief